101 साल पहले जब आए थे बापू
गांधी जी का मेरठ से खासा लगाव रहा। इतिहासकार बताते हैं कि पहली बार वह 1920 में मेरठ आए। यहां पर रात्रि प्रवास किया और चार जगहों पर सभाएं की। रेलवे रोड चौराहे पर लोगों ने भव्य स्वागत किया था। यहां से वह टाउन हॉल पहुंचे और सभा की। इसके बाद जिमखाना मैदान गए।
जिमखाना को तब बर्फखाना कहा जाता था। यहां सभा करने के बाद वह मेरठ कॉलेज गए और छात्रों से मुलाकात की। मेरठ कॉलेज में वट वृक्ष के नीचे उन्होंने यज्ञ में शामिल होकर आहुति दी थी। इसके बाद गांधी जी ने वेस्ट एंड रोड पर नवाब इस्माइल के यहां पर रात्रि विश्राम किया था। इसके बाद गांधी जी 1929 में दोबारा मेरठ आए।
मेरठ में बना गांधी आश्रम का प्रधान कार्यालय
महात्मा गांधी पूरे देश में असहयोग आंदोलन को सफल बनाने के लिए जनसभा कर रहे थे। वहीं, दूसरी ओर बनारस हिंदू विवि से इस्तीफा देकर आचार्य जेबी कृपलानी अपने 20 छात्रों के साथ गांधी आश्रम की नींव रखी। गांधी आश्रम की स्थापना 30 नवंबर, 1920 में हुई। 1926 में गांधी आश्रम का प्रधान कार्यालय बनारस से मेरठ लाया गया था।