लाइट कटी तो हुआ खुलासा
करीब एक सप्ताह पूर्व क्षेत्रीय बिजलीघर के लाइनमैन ने उनकी बिजली काट दी। अगले दिन जान मोहम्मद की पत्नी बिजलीघर पहुंची। पता चला कि उन पर बिजली चोरी का 57 हजार रुपये बकाया है। उन्होंने रसीद दिखाई तो लाइनमैन ने उन पर ही फर्जी रसीद बनाने का आरोप लगा दिया। इसके बाद उन्होंने अधिशासी अभियंता तृतीय सचिन कुमार से शिकायत की। सुनवाई नहीं होने पर बृहस्पतिवार को पीड़ित ने ऊर्जा भवन में अफसरों से शिकायत की।
फिर चर्चा में आई डिवीजन
फर्जीवाड़े को लेकर विद्युत नगरीय वितरण खंड तृतीय पहले भी चर्चा में रहा है। इससे पहले डिवीजन में फर्जी शंट दिखाकर असली जुर्माना वसूले जाने की दर्जनों शिकायतें पहुंच चुकी हैं। उपभोक्ता वीडियोग्राफी दिखाने की अपील लेकर घूमते रहे। लेकिन अफसरों ने संज्ञान नहीं लिया। जान मोहम्मद को जुर्माने के संबंध में एक लेटर भी भेजा गया है, जिस पर अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर हैं। कुछ अफसरों ने हस्ताक्षर फर्जी होने की आशंका भी जताई है।
आठ दिन से परेशान उपभोक्ता
बिजली कटने से जान मोहम्मद का परिवार आठ दिन से परेशान है। तय जुर्माना जमा कराने पर भी लाइनमैन ने उनके घर की बिजली लाइन खंभे से काट टी। जबकि विभागीय नियमों के अनुसार स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता की बिजली खंभे से नहीं काटी जा सकती।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। कार्यदायी संस्था को भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा गया है। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई होगी। - अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी, पीवीवीएनएल