गुलफाम ने आरोप लगाते हुए बताया कि 10 फरवरी की रात उनकी बेटी ने फोन कर जानकारी दी कि वह चार माह की गर्भवती है। उसके पति फुरकान, ससुर लीलू ने रुपये न लाने पर जान से मारने की धमकी दी है। बेटी के जीवन पर खतरा मंडराता देख वह उसकी ससुराल पहुंचे। जहां ससुराल वालों ने आरोप निराधार बताए। कहा कि भविष्य में इस तरह की शिकायत नहीं मिलेगी।
पीड़ित पक्ष ने बताया कि गुरुवार शाम करीब चार बजे बेटी अनम की ननद ने फोन कर जानकारी दी कि उनकी बेटी की तबियत खराब है। वह ससुराल पहुंचे तो पाया कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है। गुलफाम ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। जानी पुलिस भी वहां पहुंच गई। हंगामा खड़ा हो गया।
पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई और शव को मोर्चरी भिजवा दिया। शाम को गुलफाम ने अनम के पति फुरकान, ससुर लीलू, सास मुनिजा और जेठ नईमुद्दीन पर दहेज हत्या का आरोप लगाकर तहरीर दे दी। जानी थाना प्रभारी योगेंद्रपाल सिंह के अनुसार अनम के गले पर निशान मिला है।
ससुराल वालों का दावा है उसने फांसी लगाई है। जबकि मायके पक्ष उसकी हत्या का आरोप लगा रहा है। सीओ सरधना पंकज सिंह ने बताया कि पिता की तहरीर पर ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।