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मेरठ: जमीन पर कब्जा दिलाने गई पुलिस, किसानों से हाथापाई, जेसीबी पर चढ़ गए किसान और सामने लेट गईं महिलाएं

Thu, 09 Dec 2021 02:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ के परतापुर में जमीन पर कब्जा लेने गई पुलिस के साथ कई किसानों ने हाथापाई भी कर दी। कुछ किसान जेसीबी पर चढ़ गए और महिलाएं जेसीबी के सामने लेट गई। मामला बढ़ता देख टीम बैरंग ही लौट गई।
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एसएसपी प्रभाकर चौधरी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मेरठ के परतापुर में गूमी गांव के पास बुधवार को एमडीए के अधिकारी फोर्स के साथ साढ़े बारह बीघा जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंचे तो वहां काफी संख्या में किसान हाथों में लाठी डंडे लेकर पहुंच गए। इस दौरान अफसरों और किसानों के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई। कई किसानों ने पुलिस के साथ हाथापाई भी कर दी। कुछ किसान जेसीबी पर चढ़ गए और महिलाएं जेसीबी के सामने लेट गई। मामला बढ़ता देख टीम बैरंग ही लौट गई।
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परतापुर हवाई पट्टी के पास कई साल पहले एमडीए ने वन विभाग से यह जमीन ली थी। इसकी एवज में दूसरी जगह जमीन देने के लिए वन विभाग से कहा गया था। वन विभाग ने एमडीए से जमीन की मांग की। इसके चलते ही बुधवार को एमडीए और वन विभाग के अफसर, एएसपी, परतापुर और टीपीनगर थाना पुलिस के साथ गूमी गांव के पास पहुंचे।

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यहां जैसे ही जेसीबी चलाई तो काफी संख्या में किसान पहुंचे और अफसरों का विरोध करने लगे। उन्होंने दावा किया कि यह जमीन उनकी है। उनकी ओर से कुछ कोर्ट संबंधी दस्तावेज दिखाए गए। काफी देर तक अफसरों के साथ नोकझोंक चलती रही।

वहीं, अफसरों ने दोबार जेसीबी मंगाई तो किसान उस पर ही चढ़ गए। कुछ महिलाएं भी इसके आगे लेट गईं। काफी देर तक विरोध और हंगामे को देखते हुए अफसर और पुलिस फोर्स बिना कार्रवाई के लौट गई।
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किसानों का कहना था कि यह जमीन घोपला की है। इसमें रामानन्द, मोनू पाल,भोपाल, उमेश, नरेश, सतवीर, बिशंबर आदि के भूखंड हैं। इस अवसर पर भाकियू नेता डॉ. अमरवीर सिंह, लक्ष्मण, सुभाष, मदनपाल, हीनू सहित अन्य किसान रहे। एएसपी ब्रह्मपुरी विवेक यादव का कहना है कि यह मामला पुराना है। किसानों को पहले समझाने का प्रयास किया था। लेकिन हालात को देखते पुलिस लौट गई। वहां कोई विवाद नहीं हुआ।
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