कहा अधिकारों को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। एकत्र होकर इन फैक्टरियों का इलाज कर लो। हमें लाठी से मुकाबला नहीं करना है, वैचारिक क्रांति से हराना है। हमने आंदोलन शुरू किया तो हमें धमकी दी गई धरना उठा लो नहीं तो एनएसए लगा दिया जाएगा। राकेश टिकैत ने कहा कि अफसरों की करामात यह है कि जिले के सारे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी चोरी की बिजली जला रहे हैं, इनकी जांच होनी चाहिए।
यहां सच कहने वाला गुनहगार है। पराली जलाने पर किसानों को जेल भेज रहे हैं। अफसरों के जो हालात है इनके बक्कल (खाल) उतारने पड़ेंगे। पार्टी में किसी को वोट दो इस संगठन को मजबूत कर लो। किसानों का सम्मान संगठन ही बचाएगा। गन्ना मूल्य नहीं बढ़ा और भुगतान नहीं हुआ तो हम शिवचौक को क्रांति चौक बना देेंगे।
भाकियू ने किया जमकर हंगामा, एक घंटे के बाद वार्ता में बनी सहमति
महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के जेल जाने की घोषणा करते ही कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने खड़े होकर घोषणा की कि चौधरी टिकैत जेल जाएंगे तो पूरे प्रदेश में जेल भरो आंदोलन होगा।
इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रियता दिखाते हुए भाकियू नेताओं को मनाना शुरू दिया। अधिकारियों ने भाकियू नेताओं को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांगें पूरी कर ली जाएगी, तब कहीं जाकर महापंचायत और 11 दिन से एसई दफ्तर पर चला आ रहा धरना समाप्त हुआ।
शनिवार को जीआईसी मैदान की किसान महापंचायत में उमड़ी भीड़ के बीच माहौल उस समय अचानक बदल गया, जब भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने जेल जाने की घोषणा कर दी।उनकी घोषणा के बाद समर्थकों ने कुछ समय शांत रहने के बाद जेल जाने की बात कही और हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष राजेश जादौन ने माइक संभाल लिया और कहा कि चौधरी नरेश टिकैत अकेले जेल नहीं जाएंगे। प्रदेश के सभी जिलों में किसान जेल भरेंगे।
इतने किसान जेल जाएंगे कि जेलों में जगह नहीं रहेगी। एक घंटे तक भाकियू के प्रतिनिधिमंडल और पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बात होती रही। इसी बीच राकेश टिकैत ने शिवचौक और कलक्ट्रेट कूच करने की बात की, तो मामला गर्मा गया। जिला प्रशासन के भी हाथ पांव फूल गए। लंबी जद्दोजहद के बाद प्रशासन और भाकियू के बीच समझौता हुआ।
एडीएम प्रशासन अमित सिंह और एसपी सिटी सतपाल आंतिल ने किसानों को मनाया। इसके बाद महापंचायत और एसई दफ्तर पर 11 दिन से चला आ रहा धरना भाकियू का समाप्त हो गया। आंदोलन समाप्त के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।