शामली। कोरोना काल से ही मेडिकल अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध हैं। मगर, स्टाफ के अभाव में मरीज को जरूरत पड़ने पर मेरठ रेफर कर दिया जाता है। यहां से हर रोज चार से पांच मरीजों को वेंटिलेटर के लिए मेरठ रेफर किया जा रहा है।
कोरोना काल में जिला अस्पताल को कोविड एल टू अस्पताल बनाया गया था। मरीजों के उपचार के लिए पीएम केयर फंड से जिला अस्पताल को 28 वेंटिलेटर मिले थे। इनमें दस वेंटिलेटर पीकू वार्ड में और बाकी 18 वेंटिलेटर कोविड एल टू वार्ड में लगाए गए हैं। वर्तमान में भी जिला अस्पताल के इन दोनों वार्ड में बेड के साथ वेंटिलेटर लगाए गए हैं। सभी वेंटिलेटर चालू हालत में है, लेकिन उन्हें चलाने वाला कोई नहीं है। जिला अस्पताल में फिजिशियन और निश्चेतक के पद रिक्त चल रहे हैं। वेंटिलेटर नहीं चलने के कारण हर रोज जिला अस्पताल से मरीज मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किए जा रहे हैं, जिसके कारण मरीज और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
इस तरह से परेशान हो रहे मरीज
केस-1
फुगाना निवासी अनीषा पत्नी अख्तर को जिला अस्पताल में कम ब्लड प्रेशर होने पर भर्ती कराया गया। मगर वेंटिलेटर के अभाव में महिला को मेरठ रेफर कर दिया गया। महिला के परिजनों का कहना है कि वह शामली रिश्तेदारी में आए थे। भर्ती नहीं करने के कारण मेरठ ले जाने को मजबूर हुए।
केस-2
बाबरी में कार की टक्कर से घायल हुए राजीव को जिला अस्पताल रेफर किया गया। मगर गंभीर हालत के कारण मेरठ रेफर कर दिया। सादिक के भाई अश्वनि ने बताया कि पूर्व में भी जिला अस्पताल में लाए गए मरीजों को रेफर किया जाता है। वेटिंलेटर यदि चालू अवस्था में यहां पर हो तो मरीज की जान यहीं पर बचाई जा सकती है।
केस-3
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक सैनी का कहना है कि दो बार मरीजों को जिला अस्पताल में सड़क हादसे के बाद भर्ती कराया गया मगर वेंटिलेटर की सुविधा नहीं होने के कारण तीनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। जिससे मरीजों और तीमारदारों पर आर्थिक भार भी पड़ता है। वेंटिलेटर की सुविधा के लिए जल्द ही प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिलेगा।
रक्षक प्रणाली के लिए वेंटिलेटर आवश्यक
डॉ. सुनील का कहना है कि वेंटिलेटर मनुष्य की रक्षक प्रणाली के लिए जरूरी है। अगर व्यक्ति की रक्षक प्रणाली काम करना बंद कर देती है तो मरीज को वेंटिलेटर पर लिटाया जाता है। फिलहाल गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है
ये है मानक
: दो वेंटिलेटर बेड पर एक नर्सिंग स्टाफ जरूरी।
: वेंटिलेटर बेड पर एक निश्चेतक है जरूरी
: बाकी सहयोगी डाॅक्टर व अन्य संसाधन जरूरी।
कोराना काल में पीएम केयर फंड से जिला अस्पताल को 28 वेंटिलेटर मिले थे। स्टाफ की कमी के कारण वेंटिलेटर को नहीं चलाया जा रहा है। जिसके अभाव में मरीजों को भी कई बार रेफर करना पड़ता है।
- डॉ. किशोर कुमार आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल, शामली