क्रिकेट मैनेजमेंट के माहिर हैं डॉ. युद्धवीर
डॉ. सिंह ने 2000 में अंतर महाविद्यालयीय क्रिकेट टूर्नामेंट से शुरुआत की थी। वह दो बार अंतर विश्वविद्यालय टूर्नामेंट के आयोजक सचिव भी रह चुके हैं। उनकी देखरेख में बोर्ड क्रिकेट और मेरठ में कई रणजी मैच हो चुके हैं।
यह रहा डॉ. सिंह का सफर
-2005 से 2015 तक मेरठ क्रिकेट संघ के सचिव
-2011 में बीसीसीआई म्यूजियम कमेटी सदस्य
-2015 में यूपीसीए के संयुक्त सचिव
-2016 से 2021 तक यूपीसीए के सचिव
-2020-21 से यूपीसीए के निदेशक
-2021 में बीसीसीआई वर्किंग ग्रुप में सेंट्रल जोन प्रतिनिधि
यह भी पढ़ें: वैश्विक बाजार में चमकेगा मेरठ: परतापुर में 240 करोड़ से बनेगा एसईजेड, रत्न और आभूषणों का बढ़ेगा निर्यात
16 साल बाद यूपी से मिला मैनेजर
यूपी से 16 साल बाद डॉ. सिंह को मैनेजर बनने का अवसर मिला है। इससे पहले राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला व ज्योति बाजपेयी भारतीय टीम के मैनेजर रह चुके हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि कोशिश होगी यूपी को इसका फायदा मिले। प्रदेश की प्रतिभाओं को तराशकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का काम जारी है। आगे भी खेल को बढ़ावा देने का प्रयास रहेगा।
इन्होंने दी बधाई
एमडीसीए सचिव सुरेंद्र चौहान, कोषाध्यक्ष राकेश गोयल, बीसीसीआई पिच क्यूरेटर व भामाशाह पार्क इंचार्ज रविंद्र चौहान, कोच संजय रस्ताेगी, मो. शाहिद और गांधीबाग एकेडमी के कोच तनकीब अख्तर सहित क्रिकेट जगत के लोगों ने डॉ. सिंह को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी है।
टीम इंडिया में मेरठ की धमक
टीम इंडिया में मेरठ की धमक रही है। तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार के बाद स्विंग मास्टर भुवनेश्वर टीम इंडिया के मुख्य गेंदबाज बने हुए हैं। वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई टी-20 सीरीज में भुवी ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत उन्हें मैन ऑफ द सीरीज भी चुना गया।