शीतला माता की पूजा में सर्व समाज के लोग पूजा-अर्चना के लिए शामिल होते हैं। दूर-दूर से आए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं प्रतिदिन माटी की हांडी में अखंड ज्योति सिर पर रखकर विश्व शांति के लिए नगर में भ्रमण किया। महोत्सव के अंतिम दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता शीतला और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा की भव्य शोभा यात्रा निकाली। जिसका कई स्थानों पर स्वागत हुआ। शीतला माता के मंदिर प्रांगण में दहकते हुए अंगारों के कुंड से सिर पर अखंड ज्योति लेकर पुजारी निकले। इसके बाद दर्जन भर से अधिक श्रद्धालु नंगे पैर अंगारों के ऊपर से गुजरे।