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Meerut Deepak Murder Case: बेटे का कटा सिर लेकर 24 घंटे तक धरने पर बैठा रहा परिवार, ये हैं बड़ी मांगें

Wed, 05 Oct 2022 04:37 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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धरने में पहुंचे डीएम और एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के परीक्षितगढ़ में खजूरी गांव के दीपक त्यागी की हत्या के बाद आक्रोशित लोगों ने किला रोड पर करीब 24 घंटे तक जाम लगाए रखा। मंगलवार को भी पीड़ित परिवार व त्यागी समाज के लोग दीपक के कटे सिर को सड़क पर रख बैठे रहे। डीएम व एसएसपी धरनास्थल पर पहुंचे तो किसान नेता मांगेराम त्यागी और मुखिया गुर्जर ने पांच मांग रखते हुए डीएम को ज्ञापन सौंप दिया। चेतावनी भी दी कि नौ अक्तूबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो महापंचायत कर अगली रणनीति बनाएंगे। बाद में मंत्री दिनेश खटीक और पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी भी पहुंचे। इसके बाद जाम खुला व खादर में खरखाली घाट पर दीपक के कटे सिर का अंतिम संस्कार किया गया।

परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के खजूरी गांव निवासी किसान धीरेंद्र त्यागी उर्फ भगतजी के अविवाहित बेटे दीपक त्यागी (22) का सिर कटा शव 27 सितंबर को जंगल में मिला था। परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद धड़ का अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके बाद सातवें दिन सोमवार को पुलिस ने फैमीद नट और आसिफ को गिरफ्तार कर दीपक का कटा हुआ सिर बरामद कर लिया था। पुलिस ने खुलासा किया कि बेटी के साथ संबंध के शक में फैमीद ने दीपक का सिर तलवार से काट दिया। पुलिस के खुलासे पर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने सवाल उठाए और सोमवार शाम करीब छह बजे पोस्टमार्टम के बाद लाए गए दीपक के सिर को किला रोड पर रख जाम लगा दिया। यह धरना-प्रदर्शन और जाम मंगलवार को छह बजे के बाद खत्म हुआ।
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धरने में पहुंचे डीएम और एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
वहीं मंगलवार दोपहर ही डीएम दीपक मीणा और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिवार से दोनों अधिकारियों से बातचीत की। मांग रखी गई कि असली हत्यारों को गिरफ्तार करो। सीबीआई या एनआईए से हत्याकांड की जांच कराकर दीपक को इंसाफ दिलाया जाए। पीड़ित परिजनों के लिए एक करोड़ मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की। डीएम सभी मांग को पूरा करने का आश्वासन देकर वहां से चले गए। मांगेराम त्यागी, मुखिया गुर्जर ने ग्रामीणों को समझाया कि अब सिर का अंतिम संस्कार करें। तभी मंत्री और पूर्व विधायक के आने की खबर वहां पहुंची। दोनों नेता भी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच गए। पीड़ित परिवार को समझाया और आश्वासन दिया कि इंसाफ दिलाने में वह उनके साथ हैं।
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धरने में बोलते मांगेराम त्यागी - फोटो : अमर उजाला
धरने-प्रदर्शन में चलती रही उठक-पटक
सोमवार शाम छह बजे से मंगलवार शाम छह बजे तक ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन रहा। धरने का नेतृत्व करने वाले किसान नेता मांगेराम त्यागी, मुखिया गुर्जर व सचिन सिरोही को समझाने में एसपी देहात, एडीएम, एसडीएम समझाने में लगे थे। धरने पर मंगलवार सुबह से उठक-पटक चलती रही। कभी धरने को खत्म करना तो कभी भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करने का विरोध होता रहा। इसके बावजूद भी मंगलवार शाम तक ग्रामीण सड़क पर दीपक के कटा शव रखकर बैठे रहे।

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डीएम और एसएसपी को ज्ञापन सौंपते परिजन - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने गांव को छावनी बनाया
ग्रामीण दीपक के कटे सिर को मेरठ शहर में पुलिस अधिकारियों के ऑफिस पर लेकर जा सकते है। जिसको लेकर बखेड़ा हो सकता है। पुलिस ने गांव को छावनी बना दिया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा लगाया गया। धरने स्थल के आसपास भारी पुलिस बल लगाया गया। गांव के दोनों तरफ बैरिकेटिंग लगाई गई। रूट डायवर्जन किया गया और पुलिस को निर्देश दिए गए कि गांव से कोई आदमी बाहर नहीं जाना चाहिए। गांव में बाहरी लोगों को रोका जाए। हालांकि ग्रामीण धरने से नहीं हटे।
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धरना देते परिजन - फोटो : अमर उजाला
भाजपा के खिलाफ नारे, खुद बदला लेने का एलान
समाज सेवी मुखिया गुर्जर ने कहा कि पुलिस प्रशासन उनकी मांग पूरी नहीं करता तो वह खुद हत्यारों से बदला लेंगे। इस दौरान भाजपा सरकार, मंत्री दिनेश खटीक और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी हुई। दीपक को इंसाफ दिलाने के लिए 36 बिरादरी के लोग एक साथ रहेंगे। किसान नेता मांगेराम त्यागी ने कहा है कि वह पुलिस प्रशासन की गलत नीति समझ गए। पीड़ित परिवार की मांग पूरी नहीं की गई तो वह आंदोलन करेंगे। सचिन सिरोही का कहना कि छह इंच गड्ढे में कटा हुआ सिर बरामद होना बताया है। पुलिस ने गलत खुलासा किया है।
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धरना देते परिजन - फोटो : अमर उजाला
धरना रोका, मंत्री-पूर्व विधायक पहुंचे
डीएम-एसएसपी के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार और ग्रामीण शांत हो गए। धरना खत्म करने पर सहमति बन गई। तभी कुछ लोग वहां पर पहुंचे और बोले कि मंत्री दिनेश खटीक, पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी आ रहे है। धरना रोका गया और लोग इंतजार में बैठ गए। मंत्री और पूर्व विधायक ने आश्वासन दिया कि पीड़ित पिता को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराएंगे। ग्रामीणों ने कहा कि फोन पर मुख्यमंत्री से बात करा दो। मंत्री ने कहा कि फोन पर बात नहीं होगी। जिस पर कुछ लोगों ने नारेबाजी की। 
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पुलिस ने खुलवाया जाम। - फोटो : amar ujala
मेरठ पुलिस पर भरोसा नहीं, एसपी बागपत से कराओ जांच
ग्रामीणों ने डीएम से कहा कि मेरठ पुलिस पर भरोसा नहीं। गलत खुलासा किया और पीड़ित परिवार की भावना को ठेस पहुंचाई। वारदात करने वालों से मेरठ पुलिस की सेटिंग होना बताकर ग्रामीणों ने एसपी बागपत नीरज जादौन से जांच करने की मांग की। ग्रामीण बोले, जब तक सीबीआई या एनआईए से जांच के आदेश नहीं होते, तब तक एसपी बागपत से जांच कराओं। मेरठ पुलिस असली हत्यारों को बचाने में लगी है। फ्रिज में कटे हुए सिर को गढ्ढे से बरामद होने की झूठी कहानी बना रही है। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। खुलासा करने वाले पुलिस वालों पर भी कार्रवाई की मांग गई है।

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हंगामा करते ग्रामीण। - फोटो : amar ujala
नौ अक्तूबर को महापंचायत का करेंगे एलान
मांगेराम त्यागी ने कहा कि नौ अक्तूबर को खजूरी गांव में महापंचायत का ऐलान करेंगे। पुलिस प्रशासन और सरकार ने पीड़ित परिवार की मांग पूरी नहीं की तो त्यागी समाज समेत 36 बिरादरी के संभ्रात लोग सड़क पर आंदोलन करेंगे। डीएम ने आश्वासन दिया कि सभी पांच मांगों को पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
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हंगामा करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने डीएम-एसएसपी के सामने रखीं पांच मांगें-
1. दीपक हत्याकांड का केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए।
2. सीबीआई या एनआईए से जांच कराई जाए।
3. परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दें।
4. परिवार को एक करोड़ का मुआवजा मिले।
5. परिवार को सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस दिलाने की मांग।
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