वहीं सूचना मिलने पर क्राइम इंस्पेक्टर सौरभ शुक्ला, वन दरोगा राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में टीम व नगर पंचायत की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से बंदरों के शवों को बहार निकाला, जिन्हें पास में ही एक गड्ढा खोदकर दबा दिया गया।
वहीं चिकत्साधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि शव काफी पुराने हैं। आशंका है कि बंदर नहाते समय पेड़ से कूदे हों और पानी में डूबने से मौत हो गई हो। वहीं बंदरों के शव पोस्टमार्टम होने की दशा में नहीं थे। इसलिए उन्हें जेसीबी से गड्ढा खोदकर दबवा दिया गया है।