भाकियू के पश्चिमी उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री राजकुमार करनावल ने बताया कि मेरठ से भी करीब एक हजार कार्यकर्ता लखनऊ के लिए रवाना हुए। उन्होंने ट्रेन में अतिरिक्त कोच बढ़ाने की भी मांग की, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई। इस कारण ट्रेन में आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भाकियू के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत भी कार्यकर्ताओं के साथ शामिल रहे।
रेलवे पुलिस के साथ हुई नोकझोंक
भाकियू कार्यकर्ताओं ने सीटें न मिलने पर आरक्षित श्रेणी के डिब्बों में भी सीटों को कब्जा लिया। इसे लेकर रेलवे पुलिस ने उन्हें सीटों से उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं उठे। इसे लेकर पुलिस के साथ भाकियू कार्यकर्ताओं की बहस भी हुई। यात्रियों को सीटें नहीं मिल पाई और उन्हें बिना सीट के ही सफर तय करना पड़ा।
कुछ यात्रियों ने तो सफर करना ही उचित नहीं समझा और वह ट्रेन से उतर गए। पूरी ट्रेन पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने अपना कब्जा जमा रखा था। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि ट्रेन में भाकियू कार्यकर्ताओं की संख्या अधिक थी, इस कारण यात्रियों को सीट नहीं मिल पाई। उन्हें परेशान होना पड़ा।
अधिकांश यात्री नहीं जा सके : स्टेशन अधीक्षक
स्टेशन अधीक्षक आरपी सिंह ने बताया कि किसानों के लखनऊ जाने के कारण नौचंदी ट्रेन में लखनऊ जाने वाले अधिकांश यात्रियों ने रिजर्वेशन कैंसल करा लिए और जिन्होंने काउंटर से टिकट लिया था, उन्हें टिकट वापस कर दिए। मेरठ से करीब 200 से 250 लोग इस ट्रेन से जाते हैं। इनमें 80-100 के रिजर्वेशन रहते हैं। इनमें से अधिकांश अब इस ट्रेन से नहीं जा रहे हैं। वहीं, झांसी से मेरठ के लिए चलने वाली छत्तीसगढ़ ट्रेन रद्द हो गई है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई।