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यूपी: एसएसपी के बिछाए जाल में फंसे इंस्पेक्टर और सिपाही, रिश्वत लेने की सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई

Wed, 01 Sep 2021 03:45 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

रिश्वत लेने वाले पुलिस कर्मी व अधिकारी पर एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी ने पुलिस पर भ्रष्टाचार का यह दूसरा मुकदमा दर्ज कराया है। शहर में अब तक 15 पुलिसवाले सस्पेंड किए गए।
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मेरठ: एसएसपी प्रभाकर चौधरी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ में एसएसपी को जैसे जानकारी मिली कि इंस्पेक्टर रिश्वत ले रहे हैं, उन्होंने गोपनीय जांच शुरू करा दी। वहीं मंगलवार को फिर एसएसपी को सूचना मिली कि कबाड़ी वकार से भी एक लाख रुपये की डील हो गई। 50 हजार लेकर सोमवार को वकार को छोड़ दिया गया। बाकी रकम वकार मंगलवार को देगा। 

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इसके बाद एसएसपी ने एसपी सिटी के नेतृत्व में टीम बना दी। हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह की घेराबंदी कर ली। शाम चार बजे तक वकार मुजफ्फरनगर से मेरठ पहुंचेगा। इसका पता एसएसपी की टीम को पहले से था। वकार के साथ सादी वर्दी में चार पुलिस वाले भी लग गए। सिपाही को वकार ने रजबन में बुलाया। पैसे लेते ही पुलिस टीम ने सिपाही को दबोच लिया। सिपाही को पकड़ने के बाद पुलिस उसको पुलिस लाइन ले गई। जहां चार घंटे एसएसपी, एसपी सिटी, एएसपी ने पूछताछ की। सिपाही ने इंस्पेक्टर की सारी पोल खोल दी। पुलिस ने वकार से भी पूछताछ की। इसके बाद दोनों को आमने-सामने बैठा दिया। जिस पर सिपाही ने वसूली की रकम के बारे में पुलिस अधिकारियों को बताया। 

तीन बार मिली इंस्पेक्टर की शिकायत 
एसएसपी ने भ्रष्टाचार को लेकर पहली क्राइम मीटिंग में सभी थानेदारों को चेतावनी दी थी। सोतीगंज में लगातार वाहन चोरों और कबाड़ियों के खिलाफ अभियान चलाया, फिर भी वहां पर लगातार चोरी के वाहन मिल रहे थे। इस दौरान भी सदर थाने की तीन शिकायत एसएसपी तक पहुंची। तीन बार कबाड़ी भी एसएसपी आवास पर पहुंचे। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे। 
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भ्रष्टाचार मुक्त थाने के चस्पा थे पोस्टर 
इंस्पेक्टर सदर बिंजेंद्र सिंह राणा ने थाने पर भ्रष्टाचार मुक्त के पोस्टर खुद चस्पा कराए थे। सोशल मीडिया पर पोस्ट भी वायरल की थी कि हमारा थाना अब भ्रष्टाचार से मुक्त है। इस पोस्ट को लेकर पुलिस में अलग अलग चर्चाएं थी।

जिले में भ्रष्टाचार का दूसरा मुकदमा 
एसएसपी ने पुलिस पर भ्रष्टाचार का यह दूसरा मुकदमा दर्ज कराया है। 15 पुलिसवाले सस्पेंड किए गए। 100 से ज्यादा पुलिस वाले लाइन में भेजे। एक महीने पहले गंगानगर थाने में दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया गया था। अभी उस मामले में दरोगा फरार चल रहा है। अब सदर इंस्पेक्टर को भी पुलिस ने लिखापढ़ी में वांछित बताया है।

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