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आईजी और एसएसपी पर गिरी मेरठ में हुए बवाल की गाज

Tue, 02 Jul 2019 03:55 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मवाना में भीड़ को दौड़ाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में रविवार रात हुए बवाल की गाज एसएसपी नितिन तिवारी, आईजी रेंज रामकुमार पर गिर गई है। शासन ने दोनों अफसरों का तबादला कर दिया है। प्रहलाद नगर की घटना के बाद से एसएसपी स्थानीय भाजपाइयों के निशाने पर थे। झारखंड में तबरेज अंसारी की मॉब लिंचिंग के विरोध में निकाले गए जुलूस के बाद हुए बवाल का अंदाजा लगाने में भी खुफिया तंत्र नाकाम रहा था।माना जा रहा है कि इसी के चलते दोनों अफसरों को साइड लाइन किया गया है। आईजी कानपुर आलोक सिंह अब मेरठ रेंज के नए आइजी होंगे, वहीं 2009 बैच के आइपीएस अफसर अजय साहनी को एसएसपी मेरठ बनाया गया है। नितिन तिवारी को छठी वाहिनी पीएसी मेरठ का सेनानायक बनाया गया है। रामकुमार को पीएसी मध्य जोन लखनऊ का आईजी बनाया गया। मेरठ भेजे गए एसपएसपी अजय साहनी अभी तक बाराबंकी के एसपी थे।
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पिछले कुछ समय से मेरठ की कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में थी। प्रहलादनगर में गुंडागर्दी की हदें पार हो रहीं थीं। पुलिस अधिकारी खामोशी की चादर ओढ़े रहे। रविवार शाम को तबरेज अंसारी की हत्या के विरोध में युवा सेवा समिति के बैनर तले फैज-ए-आम इंटर कॉलेज में सभा की थी। इसके बाद बिना अनुमति जुलूस निकाला गया। जिसे रोकने पर पुलिस अधिकारियों से हाथापाई और धक्कामुक्की करने साथ ही पथराव भी किया गया था। स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। इस बवाल के बाद से शहर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। ऐसी ही स्थिति सोमवार सुबह मवाना में भी पैदा हो गई थी। यहां भी पुलिस अफसरों की नाकामी सामने आई थी।
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है। बवालियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। आरोपियों को जेल भेजेंगे। असामाजिक तत्वों की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी। मेरठ शहर की स्थिति सामान्य है। मवाना में भी फोर्स लगाई गई है।  -प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन
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झारखंड में मॉब लिंचिंग के विरोध में मेरठ में हुए बवाल के 10 आरोपी गिरफ्तार, दिनभर छावनी में तब्दील रहा शहर
मेरठ।
झारखंड में तबरेज अंसारी की मॉब लिंचिंग के विरोध में निकाले जा रहे जुलूस और प्रदर्शन के चलते वेस्ट यूपी में तनाव की स्थिति हो गई है। मेरठ में रविवार रात हुए बखेड़े के बाद सोमवार को तनावपूर्ण शांति रही। देर रात विभिन्न स्थानों से 10 बवालियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने 15 घंटे तक इंटरनेट सेवाओं को प्रतिबंधित रखा। वहीं, सोमवार सुबह नौ बजे मवाना में भी जुलूस निकाल रहे लोगों को रोकने पर कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस से हाथापाई कर दी। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ दिया। बागपत में बिना अनुमति जुलूस निकालने पर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है। मुजफ्फरनगर में भी पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है।  
सोशल मीडिया पर भारत बंद की अफवाह और बवाल करने की साजिश का इनपुट मिलने के बाद प्रशासन ने मेरठ में रविवार रात दो बजे से ही इंटरनेट सेवाएं बंद कराते हुए पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया। 21 स्थानों पर पीएसी और आरएएफ तैनात रही। कुछ संवेदनशील स्थानों पर पुलिस ने फ्लैग मार्च भी निकाला। सुबह नौ बजे मवाना के एक धार्मिक  स्थल पर मुस्लिमसमुदाय के कुछ लोगों ने बैठक की। इस दौरान धार्मिक स्थल के बाहर सुरक्षा में मात्र एक सब इंस्पेक्टर की तैनाती थी। बैठक के दौरान ही 20-25 युवकों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालना शुरू कर दिया, जिसके पीछे भीड़ चलना शुरू हो गई। जुलूस पुलिस चौकी की तरफ जाने लगा तो दरोगा ने युवकों को रोकने का प्रयास किया, जिस पर उन्होंने हाथापाई कर दी। मामला बढ़ता देख दरोगा ने अधिकारियों को सूचना दी। जिस पर पुलिस फोर्स तुरंत पहुंची और लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। स्थिति को देखते हुए मवाना में पुलिस फोर्स के साथ आरआरएफ भी तैनात कर दी गई है।

मुजफ्फरनगर में बरती सतर्कता
मुजफ्फरनगर में सोमवार को प्रस्तावित कैंडल मार्च को पुलिस विफल कर दिया। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस ने रविवार रात ही इसके आयोजक आदर्श सेवा समिति के अध्यक्ष आरिफ समेत कई अन्य संगठन पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया। बिजनौर में आल इंडिया इमाम कौंसिल ने पैदल मार्च निकालने के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। सहारनपुर के गंगोह और देवबंद में भी कुछ संगठनों ने मॉब लिंचिंग के विरोध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

बवालियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है। बवालियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। आरोपियों को जेल भेजेंगे। असामाजिक तत्वों की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी। मेरठ शहर की स्थिति सामान्य है। मवाना में भी फोर्स लगाई गई है।
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 -प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन
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