मोहल्ला लद्दावाला निवासी युवा अधिवक्ता समीर सैफी के लापता होने के बाद हत्या की सूचना से अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया है। शनिवार देर रात बड़ी संख्या में अधिवक्ता शहर कोतवाली पहुंचे और वहीं बैठकर धरना शुरू कर दिया। रोते-बिलखते परिजन जहां थाना पुलिस की लापरवाही से अधिवक्ता की मौत होने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं गुस्साए अधिवक्ताओं ने एक अफसर की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए जमकर हंगामा किया।
पीड़ित परिजनों का कहना है कि उन्होंने समीर सैफी के लापता होने के बाद उसके कुछ दोस्तों के नाम पुलिस को बताए थे, जिन्हें पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। तीन दिन से लगातार पुलिस उन्हें अलग-अलग दावे कर बरगला रही थी। आरोप लगाया कि यदि पुलिस गंभीरता से कार्रवाई करती तो समीर सैफी की जान नहीं जाती। उधर, अधिवक्ताओं का कहना है कि वे शुक्रवार को समीर सैफी की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस ऑफिस में एसपी सिटी सतपाल आंतिल से मिले थे।
आरोप है कि अफसर द्वारा युवा अधिवक्ता पर अनर्गल आरोप लगाते हुए उसके परिजनों को भी धमकाया गया। अधिवक्ताओं ने एसपी सिटी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया, जिन्हें उन्हीं के साथियों ने समझा- बुझाकर शांत किया। देर रात तक बड़ी संख्या में अधिवक्ता थाने में ही धरना देकर हंगामा कर रहे थे, वहीं, कई थानों की फोर्स के साथ सीओ नई मंडी हरीश सिंह भदौरिया भी शहर कोतवाली में ही मौजूद थे। इसके अलावा, बकरा मार्केट व लद्दावाला क्षेत्र में भी तनाव के मद्देनजर भारी संख्या में फोर्स व पीएसी को तैनात कर दिया गया है।
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