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श्रीराम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के सदस्य बने चंपत राय, नगीना में बंटे लड्डू, इमरजेंसी में गए थे जेल

Thu, 20 Feb 2020 12:57 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

  • नगीना निवासी हैं चंपतराय बंसल, 1975 में इमरजेंसी में गए थे जेल 
  • 1980 में इंटर कॉलेज से प्रवक्ता की नौकरी छोड़ आरएसएस से जुड़े 
  • विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं 
  • रामलला जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट में मुख्य पैरोकार रहे
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खुशी मनाते परिवार के लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रामलला जन्मभूमि आंदोलन से लंबे समय तक जुड़े रहे विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय बंसल को श्रीराम मंदिर निर्माण ट्रस्ट का सदस्य बनाने पर नगीना में हर्ष का माहौल है। चंपत राय बंसल मूलरूप से नगीना के रहने वाले हैं। इंटर कॉलेज से प्रवक्ता की नौकरी छोड़ने के साथ ही घर- परिवार का त्याग करके वह आरएसएस और फिर विहिप से जुड़े रहे। 

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बिजनौर जनपद के नगीना में मोहल्ला सरायमीर निवासी रामेश्वर प्रसाद बंसल और सावित्री देवी के साधारण परिवार में 1946 में चंपत राय बंसल का जन्म हुआ। प्रारंभिक शिक्षा नगीना के प्राइमरी स्कूल से और हिंदू इंटर कॉलेज से इंटर करने के बाद मेरठ कॉलेज मेरठ से ग्रेजुएशन किया। धामपुर स्थित आरएसएम इंटर कॉलेज में प्रवक्ता बने। 1980 में नौकरी छोड़ आरएसएस, फिर विहिप से जुड़े।   

बुधवार को जैसे ही न्यूज चैनलों पर यह खबर प्रसारित हुई कि चंपत राय बंसल को श्रीराम मंदिर निर्माण ट्रस्ट में शामिल किया गया है तो, नगीना में विहिप और भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई। विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष मोहित गोयल के प्रतिष्ठान पर मिठाई वितरण किया गया। विहिप और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। इस दौरान विहिप जिला उपाध्यक्ष प्रदीप गर्ग, नगर अध्यक्ष मोहित गोयल, पूर्व विधायक लव कुश कुमार, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अरविंद गहलोत, प्रमोद चौहान, कुंवर कृष्ण बलदेव सिंह, जिला मंत्री अनूप वाल्मीकि, विकास गुप्ता, शलभ गोयल, गर्वित चौधरी, रितेश अग्रवाल और विकास अग्रवाल आदि मौजूद रहे। 
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इमरजेंसी में जेल तक गए
1972 में चंपत राय बंसल की नौकरी लगी, लेकिन तीन साल बाद ही 1975 में जब देश में इमरजेंसी लगा दी गई। तब प्रशासन ने चंपत राय बंसल को जेल में डाल दिया। जेल से छूटने के बाद 1980 में उन्होंने सरकारी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में देहरादून में लंबे समय तक कार्य किया। आरएसएस के सबसे पहले जिला प्रचारक बने।

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समर्पित किया जीवन 
राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित होने के कारण चंपत राय बंसल ने विवाह तक नहीं किया। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के स्वप्न को साकार करने के लिए चंपत राय बंसल विश्व हिंदू परिषद में शामिल हो गए। राम मंदिर आंदोलन से जुड़कर काम करने लगे। उनकी योग्यता, निष्ठा, कार्यक्षमता और मेहनत को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद का अंतरराष्ट्रीय महामंत्री, बाद में उपाध्यक्ष बनाया गया। सुप्रीम कोर्ट में श्री रामलला जन्मस्थान मामले की सुनवाई के दौरान विहिप ने चंपत राय बंसल को मुख्य पैरोकार बनाया। 

तथ्य जुटाने में रही महती भूमिका 
सुप्रीम कोर्ट में चली सुनवाई में विश्व हिंदू परिषद की तरफ से चंपत राय बंसल को मुख्य पैरोकार नियुक्त किया गया। रोजाना होने वाली सुनवाई में चंपत राय बंसल पूरे समय कोर्ट रूम में मौजूद रहते थे और रामजन्म भूमि के पक्ष में महत्वपूर्ण तथ्य और साक्ष्य जुटाकर कोर्ट में प्रस्तुत करने में हमेशा गंभीर रहे। 

नगीना आते जाते रहते हैं चंपत राय 
चंपत राय बंसल के छोटे भाई सुनील बंसल नगीना में ही रहते हैं। उन्होंने बताया कि चंपत राय बंसल दस भाई बहनों में सबसे बड़े भाई से छोटे हैं। उन्होंने बताया की चंपत राय परिवार और करीबियों के यहां विवाह कार्यक्रमों में समय निकालकर नगीना आते रहते हैं।

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