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UP: रहस्य बनी CDA अफसर की मौत, आखिर पैदल इतनी दूर कैसे पहुंचे अमित, नहीं खुल रहा राज, इस हाल में मिली थी लाश

Mon, 15 Jan 2024 01:30 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

Meerut News : सीडीए ऑडिटर की मौत रहस्य बन गई है। सीडीए का शव रविवार को कंकरखेड़ा क्षेत्र में हाईवे किनारे मिला था। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा कि आखिर अंकित इतनी दूर पैदल कैसे पहुंच गए।
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मेरठ में सीडीए अफसर की मौत का मामला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देहरादून के लैंसडाउन में रक्षा लेखा नियंत्रक कार्यालय (सीडीए) में ऑडिटर अंकित पंवार (30) का शव कंकरखेड़ा क्षेत्र में हाईवे किनारे बाग के पास मिला। अंकित लालकुर्ती स्थित सीडीए कार्यालय में चल रही ट्रेनिंग में हिस्सा लेने आए थे। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा सुरक्षित कर लिया है।

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सीडीए कार्यालय में आठ से 19 जनवरी तक देशभर से आए 40 अफसरों की सीनियर ऑडिटर के लिए ट्रेनिंग हो रही है। अंकित मेरठ के आरटीसी हॉस्टल में रह रहे थे। रविवार सुबह हॉस्टल से लगभग 15 किलोमीटर दूर कंकरखेड़ा के द कलाम रेस्टोरेंट के सामने बाग के पास अंकित का शव मिला। पुलिस ने तलाशी ली तो आरटीसी हॉस्टल के कमरे की चाबी मिली।

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सीडीए से पहुंचे ट्रेनी अफसर ने उनकी पहचान अंकित पंवार पुत्र सुधीर पंवार निवासी सुभाषनगर देहरादून के रूप में की। सीओ दौराला अभिषेक पटेल ने बताया कि शनिवार रात को सीडीए के सभी अधिकारी लोहड़ी मनाने के बाद सोने चले गए थे। अंकित अपने रूम में अकेले थे। रात को नौ बजे के करीब वे कमरे का ताला लगाकर बाहर निकले। अंकित मूलरूप से शामली कांधला के एलम गांव के रहने वाले थे।

आखिर पैदल इतनी दूर कैसे पहुंचे अमित, नहीं खुल रहा राज
सीडीए ऑफिसर अंकित पंवार रात को हॉस्टल से 15 किलोमीटर दूर हाईवे तक कैसे पहुंचे। उनका मोबाइल कहां गया। उनके पास एक भी रुपया नहीं मिला। ऐसे में ये सारे तथ्य हत्या की तरफ भी इशारा कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि अंकित वहां पैदल क्या करने गए थे। पुलिस इन सवालों के जवाब के लिए हॉस्टल से लेकर घटनास्थल के बीच लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

अंकित का शव बाईपास पर बाग के पास से मिलना तमाम सवाल खड़े कर रहा है। इतनी दूर व्यक्ति पैदल नहीं जा सकता है। ऐसे में वे किसके साथ वहां गए, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इसकी जानकारी के लिए पुलिस अंकित के मोबाइल की लोकेशन और सीडीआर की जांच कर रही है। उससे पता चल पाएगा कि उनकी लोकेशन कहां-कहां रही। मोबाइल गायब किसने किया, ये भी जांच का विषय है। उनके पास से कोई नगदी नहीं मिली।

अगर ये मान भी लिया जाए कि वे बाईपास पर किसी होटल में खाना खाने जाने जा सकते हैं तो उनके पास रुपये होने चाहिए थे। वे लोअर टीशर्ट में थे। ऐसे में ये तमाम सवाल इस पूरे मामले को उलझा रहे हैं। रोहटा रोड पर अंकित के ताऊ सुरेंद्र पंवार रहते हैं। पुलिस का कहना है कि हो सकता है कि अंकित वहीं जा रहा हो। लेकिन परिजनों का कहना है कि ताऊ को तो ट्रेनिंग का ही पता नहीं था। अंकित के चाचा सुशील पंवार ने बताया कि सोमवार को वे कंकरखेड़ा थाने में तहरीर देंगे।

दो भाइयों में बड़े थे अंकित पंवार
अंकित दो भाइयों में बड़े थे। छोटे भाई अमित पंवार हैं। एलम गांव से मोर्चरी पहुंचे अंकित के चाचा सुशील पंवार ने बताया कि 10 साल पहले नौकरी लगने के बाद वे माता कुसुम और पिता सुधीर पंवार को लेकर देहरादून ही रहने लगे थे। चाचा ने बताया कि अंकित का मोबाइल गायब है। जेब में पर्स भी नहीं मिला है। ऐसे में उन्हें अंदेशा है कि किसी ने उसकी हत्या की है।

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कमरे की नहीं ली जा सकी तलाशी
हॉस्टल के जिस कमरे में अंकित रह रहे थे, उसकी पुलिस तलाशी नहीं ले पाई है। सीडीए के अधिकारियों ने पुलिस से कह दिया कि पहले वे इसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देंगे। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया सोमवार को कमरे की तलाशी के बाद साफ होगा कि उनका मोबाइल और पर्स कमरे में था, या कहीं और गिरा है। सीडीआर से ही काफी कुछ स्पष्ट होगा। प्रथम दृष्टयता हार्ट अटैक से मौत लग रही है।

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