मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के पंडित दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास में मंगलवार सुबह बीटेक थर्ड ईयर के छात्र प्रशांत पांडे (21) ने फांसी लगाकर जान दे दी। छात्र की चार विषय में बैक थी, इसके चलते वह डिप्रेशन में था। छात्र की आत्महत्या से गुस्साए छात्रों ने हंगामा करते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया।
वहीं, कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला समेत विवि के सभी अधिकारी और एसपी सिटी मौके पर पहुंच गए। छात्र विवि का मेन गेट बंद करके धरने पर बैठ गए। घंटों चले हंगामे के बाद पुलिस ने शव को मोर्चरी भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद छात्र के शव को रिश्तेदार और विवि के कर्मचारी उसके गांव वाराणसी ले गए।
हंगामा करते छात्र
- फोटो : Amar Ujala
वाराणासी के बरकी गांव का रहने वाला प्रशांत पांडे पुत्र नागेश पांडे सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक आईटी में थर्ड ईयर का छात्र था। वो यहां पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास के कमरा नंबर 99 में रह रहा था।
हंगामा करते छात्र
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बताया गया कि मंगलवार सुबह आठ बजे उसके रूम पार्टनर छात्र आदित्य और रिषभ कक्षा के लिए तैयार हो गए। प्रशांत ने आज कक्षा में जाने से मना कर दिया। दोनों रूम पार्टनर कक्षा में चले गए। साढ़े 10 बजे के करीब वे वापस लौटे तो कमरा भीतर से बंद था। दोनों के दरवाजा खटखटाने पर भी कोई आवाज नहीं हुई। छात्रों ने ऊपर खिड़की से झांकर देखा वे अवाक रह गए।
बीटेक के छात्र ने किया सुसाइड
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उन्होंने देखा कि भीतर पंखे पर प्रशांत पांडे का शव झूल रहा था। मामले की जानकारी तुरंत हॉस्टल के वार्डन और अधिकारियों को दी गई। सूचना पर मेडिकल पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दरवाजा तोड़कर पुलिस ने शव को पंखे से उतारा। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
बीटेक के छात्र ने किया सुसाइड
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छात्रों ने बताया कि प्रशांत की चार विषयों में बैक आई थी, वो तब से परेशान था। प्रशांत अभी तीन दिन पहले ही घर से हॉस्टल में आया था। ऐसे में उसकी रूम पार्टनरों से भी ज्यादा मुलाकात नहीं थी। माना जा रहा है कि डिप्रेशन के चलते प्रशांत ने फांसी लगाकर आत्महत्या की।
बीटेक के छात्र ने किया सुसाइड
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मृतक छात्र का शव लेकर जाते साथी
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