चौधरी चरण सिंह विवि के इतिहास विभाग में आयोजित सेमिनार में मौजूद लोग।
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चौधरी चरण सिंह विवि के इतिहास विभाग में आयोजित दस दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन ‘जम्मू कश्मीर का राजनीतिक महत्व’ विषय पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार को सख्त रवैया अपनाना चाहिए।
रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन आलोक बंसल ने कहा कि कश्मीर मुद्दे के समाधान को लेकर सरकार की तरफ से नई पहल जरूर की गई है, लेकिन इस मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय हस्तक्षेप पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। इस हस्तक्षेप को केंद्र स्तर पर कम किया जाना चाहिए। पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पर बेहद कम चर्चा होती है।
इस राज्य के बड़े हिस्से गिलगिल- बलिस्तान पर चर्चा होनी चाहिए। सामरिक दृष्टि से यह स्थान दक्षिण एशिया का महत्वपूर्ण स्थान है। इसी कारण विश्व की तमाम शक्तियां इस पर प्रभुत्व स्थापित करना चाहतीं है। जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के निदेशक आशुतोष भटनागर ने कहा कि जम्मू और कश्मीर की समस्या को लेकर सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिये।
इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. अराधना ने अतिथियों को स्वागत किया। प्रो. विकास शर्मा, डॉ. महिमा मिश्रा, डॉ. हेमंत पांडेय, डॉ. अजय विजय कौर, डॉ. नवीन गुप्ता आदि मौजूद रहे।