मेरठ ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भले ही भाजपा के सामने विपक्ष से कोई प्रत्याशी नहीं खड़ा हुआ, लेकिन दुश्मन फिर भी मिल गए। तीन ब्लॉक में भाजपा ही भाजपा की दुश्मन बन गई। सरूरपुर में भाजपा प्रत्याशी चुनाव से हट गए और जानी में विधायक पर सांसद खेमा भारी पड़ गया। भाजपा ने छह में से पांच ब्लॉकों में दर्ज की जीत है। वहीं कुल 12 में से 11 प्रमुख जीते हैं।
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जानी ब्लॉक में तो सांसद सत्यपाल सिंह और विधायक जितेंद्र सतवई के समर्थकों में बहस भी हो गई। यहां पर सांसद की सिफारिश वाले प्रत्याशी जीते तो वहीं माछरा में विधायक की सिफारिश वाले प्रत्याशी को संघ के प्रत्याशी ने हरा दिया। सरूरपुर में तो पार्टी बोलने की स्थिति में ही नहीं रही।
यहां सांसद और विधायक की सिफारिश पर राजेंद्र सिंह को टिकट दिया गया, लेकिन वे भारतीय किसान यूनियन की प्रत्याशी कविता के पक्ष में बैठ गए। इसके चलते उनको एक भी वोट नहीं मिला। यहां से भाजपा के बागी होकर निर्दलीय लड़ रहे मनोज ने चुनाव जीतकर सरधना विधायक संगीत सोम से आशीर्वाद लिया।
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जानी ब्लॉक में सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवई हरेंद्र सिंह को चुनाव लड़ा रहे थे। सांसद सत्यपाल खेमे से अनिल कुमार मैदान में आ गए। दोनों ने अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए पदाधिकारियों के सामने सदस्यों की ताकत भी दिखा दी। दोनों खेमों से जीत के दावे को देखते दोनों को ही लड़ने की छूट दे दी। अनिल कुमार ने हरेंद्र सिंह के सामने बेटे गौरव का नामांकन करा दिया।
एक तरफ पूर्व आईपीएस एवं सांसद सत्यपाल सिंह तो दूसरी तरफ विधायक जितेंद्र सतवई। ऐसे में अधिकारियों की भी यहां चुनाव को लेकर बड़ी चुनौती थी। चुनाव के समय हालात ये रहे कि दोनों नेताओं के करीबी पूरी कमान संभाले रहे। यहां पर गौरव ने हरेंद्र सिंह को भले ही एक वोट से हरा दिया है, लेकिन विधायक ने भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
माछरा ब्लॉक में विधायक सत्यवीर त्यागी की तरफ से ब्रजवीर की पैरवी की गई थी। अशोक त्यागी की संघ में पकड़ थी। दोनों तरफ से मजबूत सिफारिश के चलते भाजपा ने इस सीट को भी फ्री छोड़ दिया। यहां पर अशोक त्यागी ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख ब्रजवीर सिंह को नौ वोटों से हरा दिया। संघ यहां पर बाजी मार गया।
पर्दे के पीछे की राजनीति या धोखा
सरूरपुर से भाजपा ने सांसद सत्यपाल सिंह और विधायक जितेंद्र सतवई की संस्तुति पर राजेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन राजेंद्र सिंह ने घुटने टेक दिए। उन्होंने भारतीय किसान यूनियन की प्रत्याशी कविता देवी को समर्थन दे दिया। ऐसे में यहां से भाजपा के बागी और विधायक संगीम सोम के नजदीकी निर्दलीय प्रत्याशी मनोज जीत गए। भाजपा जिलाध्यक्ष अनुज राठी का कहना है कि राजेंद्र सिंह को लेकर पार्टी समीक्षा कर रही है।
एकतरफ जहां पार्टी अभी समीक्षा करेगी, वहीं क्षेत्र में जाट बिरादरी के लोग इसको लेकर काफी खफा हैं। मनोज चौहान ठाकुर हैं, ऐसे में यहां पर अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है। मनोज ठाकुर को भाजपा का प्रत्याशी नहीं होने के बावजूद भी भाजपा नेताओं द्वारा चुनाव लड़ाने की चर्चा है। इससे पार्टी के भीतर चल रही भितरघात भी सामने आ रही है।
केवल एक ब्लॉक में निर्दलीय विजयी
जिले के 12 ब्लॉक में से छह सीटों पर शनिवार को हुए चुनाव में भाजपा के पांच प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। शनिवार को माछरा, मवाना, परीक्षितगढ़, जानी खुर्द, सरूरपुर और हस्तिनापुर ब्लॉक में कड़ी सुरक्षा के बीच चुनाव हुआ। चुनाव में कोई गड़बड़ी न हो इसको देखते हुए डीएम के. बालाजी और एसएसपी प्रभाकर चौधरी सुबह से ही सभी ब्लॉक का निरीक्षण कर रहे थे। शाम तीन बजे के बाद मतगणना हुई तो भाजपा के पांच प्रत्याशी विजयी हुए। जीते प्रत्याशियों में मवाना ब्लॉक से गीता पायल, परीक्षितगढ़ से ब्रहृम सिंह, हस्तिनापुर से नितिन पोसवाल शामिल रहे। जानी खुर्द से गौरव और माछरा ब्लॉक अशोक त्यागी जीते। सरूरपुर से मनोज चुनाव जीत गए।
ये चुने गए थे निर्विरोध
ब्लॉक - निर्विरोध चुने गए
रोहटा - रेखा
खरखौदा - पुनीत त्यागी
मेरठ - कपिल कुमार
दौराला - शर्मिष्ठा देवी
रजपुरा - पूनम चौहान
सरधना - सिमरन ठाकुर
भाजपा ने सत्ता के दबाव से अपने प्रत्याशी जिताए : सपा जिलाध्यक्ष
सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव में भाजपा ने धन, बल और सत्ता के दबाव से अपने प्रत्याशी जिताने का काम किया है। इससे लोकतंत्र की हत्या हुई है। आने वाले 2022 के चुनाव में जनता सबक सिखाएगी।
शाहिद मंजूर का शुक्रिया अदा करने पहुंचे अशोक
माछरा से ब्लॉक प्रमुख चुनाव जीतने वाले अशोक त्यागी शनिवार शाम पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर का शुक्रिया अदा करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। इस ब्लॉक से विधायक सतवीर त्यागी ब्रजवीर का समर्थन कर रहे थे, जो हार गए। सतवीर त्यागी ने पिछले विधानसभा चुनाव में शाहिद मंजूर को हराया था। शाहिद मंजूर चुनाव में अशोक त्यागी का समर्थन कर रहे थे।
शाहिद मंजूर की फेसबुक पोस्ट पर देनी पड़ी सफाई
शाहिद मंजूर ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड की। इसमें उन्होंने लिखा है कि माछरा और परीक्षितगढ़ क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों को जिताने पर सभी सदस्यों का बहुत-बहुत धन्यवाद। दोनों क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों को बहुत बधाई। परीक्षितगढ़ से चुनाव जीते ब्लाक प्रमुख ब्रहम सिंह का कहना है कि उन्हें भाजपा ने ही चुनाव लड़ाया, वे भाजपा के ही कार्यकर्ता हैं। उनका सपा से कोई मतलब नहीं है।