उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एडीजे पोक्सो कोर्ट कंचन सागर ने एक नाबालिग का अपहरण कर उससे दुष्कर्म करने के आरोपी शाकिर को दस वर्ष के कारावास व 46 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपहरण व दुष्कर्म में सहयोगी साजिद व मेहराज को पांच-पांच वर्ष के कारावास व 16-16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष शासकीय अधिवक्ता योगेंद्र सिंह के अनुसार पीड़िता लड़की के पिता की ओर से थाना किरतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि पीड़िता 26 मई 2015 को अपनी कक्षा नौ की परीक्षा देने के बाद छुट्टी में अपने मामा के घर गई थी। पड़ोस के गांव शाहपुरा का शाकिर व उसका भाई साजिद तथा उनका साथी मेहराज निवासी ग्राम इनामपुरा उसकी बेटी को बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गए थे। पीड़िता को 17 जून को बरामद किया था।
19 जून को पुलिस द्वारा शाकिर को रेलवे स्टेशन किरतपुर से अवैध चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। पीड़िता द्वारा कोर्ट में दिए अपने बयान में कहा गया था कि वह अपने नाना के गांव गई थी। आठ जून 2015 की रात तीनों आरोपी उसके घर में आए और जबरन से बाइक पर बैठाकर ले गए। उसे हरिद्वार और बाद में चंडीगढ़ ले गए।
बाद में तीनों उसे मुंबई ले गए। वहां शाकिर व साजिद की बहन रहती है। शाकिर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अदालत ने आरोपियों को सजा सुनाते हुए आदेश दिया है कि शाकिर पर पोक्सो एक्ट में लगाए गए 30 हजार रुपये अर्थदंड की राशि पीड़िता को दी जाए। बाकी अर्थदंड में से 20 हजार की राशि भी पीड़िता को दी जाए।