आज अन्नु रानी अपनी मातृभूमि लौटी हैं। अन्नु रानी के दबथुवा पहुंचने के दौरान कंकरखेड़ा बाइपास से ही ग्रामीण अन्नु रानी का स्वागत करना शुरू किया। उनके परतापुर पहुंचने से लेकर गांव पहुंचने तक फूलमालाएं पहनाकर और तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि वह पदक जीतने के बाद से बेटी के स्वागत की तैयारी में जुटे थे। अन्नु के पिता अमरपाल का कहना है कि उन्हें बेटी के घर आने का बेसब्री से इंतजार था। अन्नु सुबह 11 बजे कंकरखेड़ा पहुंची, जहां से ढोल-नगाड़ों के साथ बेटी का स्वागत कर घर तक ले जाया गया।
अस्पताल में भर्ती अन्नू रानी के भाई जितेंद्र
- फोटो : Amar Ujala
वहीं अन्नू रानी के भाई जितेंद्र कुमार का सरधना जाते समय एक्सीडेंट हो गया। गंभीर रूप से घायल होने पर कैलाशी हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
अन्नू रानी को पहनाया चांदी का मुकुट
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वहीं जश्न के बीच अन्नू रानी को कंकरखेड़ा के पायल फर्नीचर पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीरज मित्तल ने अन्नू रानी को चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया।
अन्नू रानी का स्वागत करते परिजन
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कंकरखेड़ा से जश्न के बीच अन्नू रानी अपने गांव के लिए निकलीं। यहां गांव में पहुंचते ही उन पर पुष्पवर्ष की गई। ग्रामीण महिलाओं और बच्चों ने उन्हें फूलमालाएं पहनाईं। इसके बाद जैसे ही अन्नू रानी अपने घर पहुंची तो परिजनों ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया। उनके आवास पर सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद है।