घर में चलता आंगनबाड़ी केंद्र।
- फोटो : amar ujala
शामली में पंचायत भवन और बरातघर में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र
सरकार आंगनबाड़ी केंद्र को प्री-प्राइमरी स्कूल के तर्ज पर संचालित करने की तैयारी में है। नई शिक्षा नीति का मसौदा लागू होने के बाद इसके स्वरूप को बदलने की कवायद शुरू हो चुकी है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है, लेकिन जिले में कई आंगनबाड़ी केंद्र बरातघर और पंचायत भवन में चल रहे हैं। ऐसे में भवनों के अभाव में प्री-प्राइमरी स्कूल कैसे संचालित होंगे, यह बड़ा सवाल है।
सरकार की योजना के तहत बच्चों को कक्षा-2 तक शिक्षा प्री-प्राइमरी स्कूल में दी जाएगी। इसके बाद कक्षा-3 में उनका प्रवेश प्राइमरी स्कूल में होगा। जिलेभर में 985 आंगनबाड़ी केंद्र फिलहाल संचालित हैं। इनमें 882 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 821 सहायिकाएं सेवाएं दे रही हैं। छह वर्ष तक आयु वर्ग के 97 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। जिन्हें हर माह पोषाहार वितरित किया जाता है। बुधवार को आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा किया गया तो ज्यादातर बंद मिले। जिसका कारण कोरोना संक्रमण के चलते सरकार के दिशा-निर्देश बताए गए।
कई आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन जर्जर हैं। कुछ आंगनबाड़ी केंद्र गांव के पंचायत भवन में चल रहे हैं तो कुछ बारातघर में संचालित मिले। जबकि कई गांव ऐसे भी हैं, जहां आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है। ऐसे में इन गांवों में प्री-प्राइमरी स्कूल के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी। करीब 100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पद रिक्त चल रहे हैं। 44 कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण होना भी अभी बाकी है।
कक्षा-दो तक बच्चों को दी जाएगी शिक्षा
जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित करने की तैयारी चल रही है। कोरोना की वजह से आंगनबाड़ी केंद्र बंद थे। अब सप्ताह में दो दिन सोमवार और गुरुवार को खोलने के आदेश आए हैं। 841 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। बाकी 44 को भी जल्द प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूल परिसरों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-प्राइमरी स्कूल चलाने की सरकार की योजना है।
यह भी पढ़ें: खौफनाक वारदात: बहू पिंकी पर ताबड़तोड़ वार करने वाला ससुर गिरफ्तार, पूछताछ में उगलेगा पूरा सच
आंगनबाड़ी केंद्र पर लगा कूड़े का ढेर।
- फोटो : amar ujala
मेरठ में जर्जर हैं आंगनबाड़ी केंद्र, चहुंओर लगे कूड़े के ढेर
मोदीपुरम में पल्हैड़ा गांव स्थित आंगनबाड़ी भवन जर्जर हालत में है। चहुंओर कूड़े के ढेर लगे हैं। नगर निगम में शामिल पल्हैड़ा के आंगनबाड़ी का हाल प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही को भी उजागर कर रहा है।
पल्हैड़ा नगर निगम में शामिल है। आंगनबाड़ी केंद्र पर गुरुवार को जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो वहां कार्यकर्ता ब्रजकुमारी, अर्चना देवी, वंदना बैठी हुई थी। जब टीम कवरेज करने लगी तो कार्यकर्ता स्वयं ही सफाई करने लगी। भवन की हालत जर्जर है, खिड़की टूटी हुई है व जगह-जगह गंदगी के ढेर के बीच ही बच्चों को पुष्टाहार व पोषाहार वितरित किया जाता है। बच्चों को जमीन पर ही दरी बिछाकर बैठना पड़ता है। मुख्य गेट से लेकर अंदर तक का हाल बेहाल है। पल्हैड़ा स्थित प्राइमरी व जूनियर हाई स्कूल में तीन आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं, दो आंगनबाड़ी केंद्र एक ही कमरे में है। सरकार आंगनबाड़ी केंद्र को प्री. प्राइमरी स्कूल बनाने जा रही है। परंतु इन भवनों को देखकर प्रतीत होता है कि यहां बच्चे किस तरह पढ़ाई कर सकेंगे। केंद्र पर करीब 32 बच्चे पंजीकृत हैं जो अभी स्कूल नहीं आते।
बदहाल है शौचालय
आंगनबाड़ी केंद्र पर शौचालय की भी कमी है। जो है वह भी खराब स्थिति में है। शौचालय के लिए भी बच्चों को परेशान होना पड़ता है। स्कूल परिसर में सौंदर्यकरण के लिए कमिश्रर और नगर निगम को भी पत्र लिखा है। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
साफ-सफाई कराई जाएगी
आंगनबाड़ी केंद्र का सौंदर्यकरण कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रों पर साफ-सफाई कराई जाएगी। बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी दुरुस्त कराई जाएगी। - प्रदीप कुमार, पार्षद पल्हैड़ा
जवाबदेही तय की जाएगी
सभी केंद्रों पर साफ-सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर ऐसा हाल है तो संबंधित से जवाबदेही तय की जाएगी। - विनीत कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी