कोरोना संक्रमण फैलने पर गुजरात में भी पाबंदी लगी तो दीपक 10 अप्रैल को यहां घर आ गया। कुछ दिनों बाद अचानक उसे तेज बुखार हुआ। दवाई लेने पर आराम नहीं मिला। जिला अस्पताल में जांच कराई, तो कोरोना संक्रमण से पीड़ित मिला। डॉक्टरों ने घर में आइसोलेट कर दिया, मगर तबीयत बिगड़ती चली गई।
ऑक्सीजन लेवल कम होने पर 27 अप्रैल को मोनिका उसे लेकर प्राइवेट डॉक्टरों के यहां गई, मगर बेड खाली नहीं मिला। जिला चिकित्सालय में उसे लेकर आई तो दीपक को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया, लेकिन वहां भी बेड नहीं मिला।
ऑक्सीजन कम होने के कारण 28 अप्रैल को दीपक ने दम तोड़ दिया। परिवार पर गमों का पहाड़ टूट गया। दीपक की मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। मकान मालिक ने भी मकान खाली करा लिया। फिलहाल रामपुरी में रहने वाले पिता ब्रजमोहन त्यागी के पास दोनों बच्चों को लेकर मोनिका रह रही हैं।