कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मेजर जनरल एमके दास वीएसएम सेना मेडल और ब्रिगेडियर हरमीत सेठी भी रहे। आईएमसीटीएफ के ऑल इंडिया को-कनवीनर लक्ष्मी नारायण भालाजी भी कार्यक्रम में बतौर अतिथि शामिल रहे। कुलपति प्रो. एनके तनेजा के निर्देशन में हो रहे इस कार्यक्रम में सभी परमवीर चक्र विजेताओं के बारे में जानकारी दी गई।
आज तक इनको मिला परमवीर चक्र
परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च शौर्य सैन्य अलंकरण है, जो उच्च कोटि की शूरवीरता एवं त्याग के लिए प्रदान किया जाता है। ज्यादातर स्थितियों में यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है। इस पदक की स्थापना 26 जनवरी 1950 को की गई थी, जब भारत गणराज्य घोषित हुआ था। भारतीय सेना के किसी भी अंग के अधिकारी या कर्मचारी इस पदक के पात्र होते हैं। इससे पहले जब भारतीय सेना ब्रिटिश सेना के तहत कार्य करती थी तो सेना का सर्वोच्च सम्मान विक्टोरिया क्रास हुआ करता था।
भारतीय सेना में ये पदक आज तक 21 वीरों को दिया गया है। 14 वीरों को यह पदक मरणोपरांत दिया गया। जिन शूरवीरों को ये पदक मिला है उनमें मेजर सोमनाथ शर्मा (1947), नायक यदुनाथ सिंह (1948), सेकेंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे (1948), कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह (1948), लांस नायक करम सिंह (1948), कैंप्टन गुरबचन सिंह सलारिया (1961), मेजर धनसिंह थापा (1962), सूबेदार जोगिंदर सिंह (1962), मेजर शैतान सिंह (1962), हवलदार अब्दुल हमीद (1965), लेफ्टिनेंट कर्नल एबी तारापोर (1965), लांस नायक अलबर्ट एक्का (1971), फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखो (1971), लेफ्टिनेंट अरुण खेतरपाल (1971), मेजर होशियार सिंह (1971), नायब सूबेदार बाना सिंह (1987), मेजर रामास्वामी परमेश्वरन (1987), लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय (1999), ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव (1999), राइफलमैन संजय कुमार (1999) और कैप्टन विक्रम बत्रा (1999) शामिल हैं।
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