660 टेंपो की जगह, चार हजार हो रहे संचालित
आरटीए ने शहर में केवल 660 सात सीटर टेंपो को ही परमिट जारी करने के आदेश दिए थे। लेकिन दो हजार टेंपो रजिस्टर्ड हो चुके हैं। इसके अलावा दिल्ली से बाहर किए गए करीब दो हजार टेंपो भी जिले में दौड़ रहे हैं। टेंपो के अलावा 16 हजार ऑटो और ई-रिक्शा भी सड़कों पर उतर चुके हैं।
कांट्रेक्ट कैरिज में नहीं कर सकते रूटों का आवंटन
कांट्रेक्ट कैरिज परमिट के तहत वाहन किसी एक निश्चित स्थान से दूसरे निश्चित स्थान तक ही लोगों को बुक करके ले जा सकता है। इसके चलते इनका रूट तय नहीं हो सकता। स्टेज कैरिज परमिट पर सवारियों को तय रूट से उठाया और उतारा जा सकता है। स्टेज कैरिज परमिट में ही रूटों का आवंटन होता है। ऑटो व टेंपो को स्टेज कैरिज परमिट पर चलना चाहिए था, लेकिन मेरठ में ये कांट्रेक्ट कैरिज परमिट पर चल रहे हैं।
शहर में टेंपो, ऑटो व ई-रिक्शा के लिए फ्री पॉलिसी की सुविधा दी गई है। टेंपो के लिए 660 परमिट निर्धारित हैं, जो पूरे हो चुके हैं। ऑटो व ई-रिक्शा की संख्या के लिए कोई मानक नहीं है।
- डॉ. विजय कुमार, आरटीओ मेरठ
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