मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम यूपी के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।जुमे की नमाज के दौरान मेरठ में पुलिस का कड़ा पहरा रहा। लोगों की भीड़ एकत्र न हो, इसको लेकर पुलिस सतर्क रही। पुलिस और आरएएफ दिनभर गश्त करती रही।
मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम यूपी के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। जुमे की नमाज के दौरान संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में आरएएफ और पुलिस तैनात रही। लिसाड़ीगेट, कोतवाली, नौचंदी व किठौर क्षेत्र में मौलाना के कई करीबी सुरक्षा एजेंसी के निशाने पर है, जिनकी गोपनीय तरीके से जांच चल रही है।
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फुलत के मौलाना कलीम सिद्दीकी के बाद उनके करीबी हाफिज इदरीश को एटीएस ने गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसी की जांच में सामने आया कि मौलाना का नेटवर्क लिसाड़ीगेेट, कोतवाली, नौचंदी और किठौर थाना क्षेत्र में भी चलता है। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसी ने कई जिलों में मौलाना कलीम का नेटवर्क खंगालने के लिए डेरा डाला हुआ है। सुरक्षा एजेंसी स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश दे रही है।
अधिकारी लेते रहे पल-पल की जानकारी
जुमे की नमाज के दौरान मेरठ में पुलिस का कड़ा पहरा रहा। लोगों की भीड़ एकत्र न हो, इसको लेकर पुलिस सतर्क रही। पुलिस और आरएएफ दिनभर गश्त करती रही। लिसाड़ीगेट, कोतवाली, नौचंदी इलाके में पुलिस और आरएएफ तैनात की गई थी। एडीजी, आईजी और एसएसपी दिनभर जानकारी लेते रहे।
पहले भी भड़क चुकी हिंसा
नागरिक संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में 20 दिसंबर, 2019 को जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा में पांच लोगों की मौत हुई थी। पुलिस को इनपुट मिला है कि मौलाना की गिरफ्तारी के बाद कुछ लोग लगातार मीटिंग कर रहे हैं। इसी वजह से जुमे की नमाज पर पुलिस अलर्ट रही है।