धान के साथ अन्य फसलों पर भी असर
इस समय गोभी, आलू की बुवाई का समय चल रहा है। साथ ही पशुओं के चारे के लिए किसान बरसीम की खेती का मन बना रहे थे। लेकिन, पिछले दो दिन से हो रही तेज बारिश के कारण फसलें प्रभावित हुई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर ने बताया कि जिन किसानों ने अगेती गोभी की बुवाई की। उनकी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। साथ ही आलू व बरसीम की बुवाई करने की सोच रहे किसानों को अब खेत सूखने का इंतजार करना पड़ेगा।
खेतों में ज्यादा पानी न रहने दें किसान
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि पंजाब और हरियाणा की तुलना में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कम कीटनाशकों के प्रयोग के कारण वहां के निर्यातक भी यहां का धान चाहते हैं। अभी बासमती 1121, 1718 और सीएसआर 30 में बाली निकलना शुरू होने वाला है।
यह समय बहुत महत्वपूर्ण है इस समय पर यदि गलत कीटनाशक का प्रयोग किया जाएगा तो निर्यात में समस्या आएंगी और यहां के किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलेगा। कृषि वैज्ञानिकों का सुझाव है कि ट्राईसाईक्लाजोल, बुप्रोफेजिन, एसिफेट, थायोफेनेट, थायो मेथॉक्सम एसीफेट कार्बेंडाजिम आदि रसायनों का प्रयोग इस समय बिल्कुल न करें और खेतों में ज्यादा पानी भरा ना रखें।