कई परेशानियों का मिलेगा हल
धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अधिकतर व्यापारी हापुड़ निवासी हैं। अगर इस क्षेत्र को हापुड़ में शामिल कर दिया जाए तो उनकी कई परेशानी हल हो सकती हैं। - सोनू चुग, सचिव धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र
हापुड़ की तहसील बने खरखौदा
जदयू के प्रदेश सचिव सुनील त्यागी, रालोद के किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रह्लाद त्यागी, वरिष्ठ समाजसेवी गिरिराज त्यागी आदि का कहना है कि खरखौदा विकास खंड के 27 गांवों को हापुड़ जिले में भेजने की संभावना जताई जा रही है। इससे क्षेत्र में विकास तो होगा लेकिन, उन्हें कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ेगा। मेरठ न्यायपालिका में जो मामले लंबित पड़े हुए हैं जिला बदलने के साथ ही वह सभी फाइलें हापुड़ चली जाएंगी। जिनकी कई वर्षों तक लोगों को जानकारी भी नहीं मिल सकेगी। उनका कहना है कि खरखौदा के 27 गांवों को हापुड़ में शामिल करने के साथ ही खरखौदा को हापुड़ जिले की तहसील बनाया जाए।
तहसील बनाने को लेकर पहले भी लोग कर चुके हैं संघर्ष
खरखौदा को तहसील बनाने की मांग को लेकर पहले भी एक संघर्ष समिति बन चुकी है। समिति शासन से खरखौदा को तहसील बनाने की मांग कर चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब खरखौदा के 27 गांवों को हापुड़ जिले में शामिल किया जा रहा है तो खरखौदा को हापुड़ जिले की तहसील बनाया जाए।