पहाड़ों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश व हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी खतरे के निशान पर बह रही है। इससे पश्चिमी यूपी और दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों पर बाढ़ का खतरा मंडराया हुआ है। इस कारण यमुना के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है।
नदी में बढ़ते जलस्तर की वजह से किसान यमुना किनारे स्थित खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। शाहजहांपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में यमुना नदी के किनारे स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के अनुसार आज सुबह हथिनी कुंड बैराज से सुबह 2 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे यमुना का जलस्तर और भी ज्यादा बढ़ गया है।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही है यमुना
हालांकि, शुक्रवार को भी हथिनी कुंड बैराज से करीब 1 लाख 31 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जिसके बाद से यमुना नदी के ऊपर बने पुल के सभी पाट भरकर चल रहे थे। आज सुबह छोड़े गए पानी से अब हालात बदल गए हैं। मैदानी क्षेत्रों में भी लगातार हो रही बारिश से यमुना नदी में पहले ही पानी से लबालब है। ऐसे में छोड़े गये पानी के कारण नदी में उफान आ गया है। इससे तटवर्ती गांवों में खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
पश्चिमी यूपी के कई गांवों खतरे में
यमुना तट से लगे चोरी मंडी, हैदरपुर, झरौली शाहजहांपुर, हुसैनपुर, घंघोड़, कुतुबपुर, अपलाना, ढिक्का कलां, ढिक्का टपरी, मंधोर, समसपुर, टाबर आदि के ग्रामीण खौफजदा हैं कि यदि यमुना नदी में रात में पानी आया तो उनकी हालत क्या होगी। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि यदि पहाड़ों पर बारिश रुक जाती है तो यमुना में बह रहे पानी से कोई खतरा नहीं हैं।
एसओ सरसावा ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के प्रधानों को सतर्क कर दिया है कि किसी भी तरह की विषम परिस्थिति पैदा होने पर तत्काल पुलिस को उसकी जानकारी दी जाए।