मंथन शुरू: जिलाध्यक्ष को छोड़कर पूरी जिला कमेटी भंग
- मायावती ने समीक्षा बैठक में कई प्रभारियों को हटाया
- प्रदेश स्तर के अलावा जिला स्तर पर भी गिराई गाज
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। चुनावी नतीजों के बाद चल रही समीक्षा के परिणाम के रूप में बसपा में ऊपर से लेकर नीचे तक फेरबदल का शुरू हो गया है। मौजूदा जोन इंचार्ज (कोऑर्डिनेटर), जिला व विधानसभा प्रभारियों को तो हटाया ही गया है, साथ ही जिलाध्यक्ष को छोड़कर पूरी जिला कमेटी भी भंग कर दी गई है। माना जा रहा है कि नए सिरे से कमेटियों का गठन किया जाएगा
लोकसभा चुनावों का असर अब आने लगा है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने फेरबदल शुरू कर दिया है। पुराने दिग्गजों को फिर से यूपी में कमान दी जा रही है। राज्यसभा सदस्य बाबू मुनकाद अली को पांच मंडलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है तो वेस्ट यूपी में भी नगीना से सांसद बने गिरीश चंद्र को नई कमान दी गई है। इसके अलाव स्थानीय स्तर पर भी फेरबदल किए जाने के लिए कमर कस ली गई है।
मेरठ की बात करें तो यहां गठबंधन ने तगड़ा चुनाव लड़ा। हालांकि बसपा के हाजी याकूब कुरैशी यहां भाजपा उम्मीदवार राजेन्द्र अग्रवाल से लगभग 47 सौ वोटों के अंतर से हार गए। लेकिन गठबंधन ने यह दिखाया कि उसकी चुनावी तैयारी कम नहीं थी। ऐसे में यहां की भी समीक्षा की गई है। बताया जा रहा है कि जिला स्तर पर तगड़ी फेरबदल की जा रही है। मेरठ के अलावा अन्य जिलों में भी यही फार्मूला लगाया जा रहा है। जिलाध्यक्ष बरकरार रखे गए हैं। लेकिन पूरी जिला कमेटी को भंग कर दिया गया है। अब नए सिरे से यह गठन किया जाएगा। देखा जाएगा कि किसने इस चुनाव में कितना काम किया। इसी आधार पर जिम्मेदारियां तय की जाएगी। जिस तरह से कोऑर्डिनेटरों को इधर से उधर किया गया है। उसी आधार पर जिला कमेटी के सदस्यों को भी इधर उधर करने की बात कही जा रही है।