इसकी सूचना परतापुर पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों को टेंपो से जिला अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भेज दिया, लेकिन टेंपो चालक ने रिठानी में पहुंचने के बाद दस लोगों को वापस कुुंडा फाटक के पास छोड़ दिया, इन्हें लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया गया कि 12 बच्चे और तीन युवकों की हालत बिगड़ी है। जिला अस्पताल के अलावा एक निजी अस्पताल में बेहोश बच्चे और युवकों को भर्ती कराया है। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि आरोपियों का पता लगाने में जुटी है। परतापुर पुलिस वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी जा रही है।
ग्रामीणों ने किया हंगामा
घटना के बाद ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया है। लोगों ने नशीला पदार्थ वितरित करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की। इसकी जानकारी लगने पर सपा छात्र नेता अमन कसाना और प्रदीप कसाना अपने कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हंगामा किया।
इन बच्चों को जिला अस्पताल में कराया था भर्ती
जिला अस्पताल में बेहोश हुए सूरज, सचिन, मंगल, बजरंगी, सुदामा, पद्मिनी, बलवान, जमुना, बनवारी, राजा और रानी को भर्ती कराया था, जबकि अन्य लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। अंदेशा है कि असामाजिक तत्वों ने फास्ट फूड बांटा है।