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तो इसलिए मुजफ्फरनगर नहीं गईं मायावती?

Sat, 05 Apr 2014 12:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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दंगे के दौरान मुजफ्फरनगर नहीं आने के सवालों से घिरी बसपा सुप्रीमो ने बेहद चतुराई से सफाई दी। पूर्व सीएम ने कहा कि अगर मैं यहां आती तो सपा दंगे और भड़का कर इसका ठीकरा बसपा पर फोड़ देती। दोनों समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए मैं नहीं आई।
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बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस, भाजपा और सपा पर निशाने साधे। आरक्षण, भ्रष्टाचार, काला धन और कानून व्यवस्था के बाद मायावती ने दंगे का जिक्र छेड़ा। सपा को कठघरे में खड़ा करने के साथ शामली और मुजफ्फरनगर में पीड़ितों के बीच नहीं आने पर सफाई दी।

मायावती ने कहा कि खास सूत्रों से उन्हें पता चला था कि जिस दिन वह दंगा प्रभावित क्षेत्र में जाएंगी, उसी दिन सपा दंगे और भड़का देगी। इसके बाद सारा दोष बसपा पर मढ़ दिया जाएगा। पहले से ही हिंसा झेल रहे लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ता। बसपा ने संयम से काम लिया। वह राष्ट्रपति से मिली थीं। दलित वोटरों को मतदान के दिन सावधान रहने के लिए भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि दोनों समुदाय भाईचारे से काम लें। जातिवादी मानसिकता ठीक नहीं है।
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कादिर के खिलाफ रिपोर्ट की अफवाह

बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में मुजफ्फरनगर की पुरकाजी और मीरापुर विधानसभा बिजनौर सीट में लगती हैं। मायावती की रैली में मलूक नागर अपनी भीड़ लेकर पहुंचे। मलूक की करीब 40 बसों को पुलिस ने सर्कुलर रोड स्थित जीआईसी मैदान में रोक दिया। रैली में मलूक ने भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि भाजपा फिरकापरस्त दल है। दोनों समुदायों के लोगों को बांटना चाहती है।

वोटों के लिए फैलाई झोली
बसपा प्रत्याशी कादिर राना ने मायावती की मौजूदगी में झोली फैलाकर वोट मांगे। कादिर ने कहा कि वह जनता के खादिम हैं। दंगे के नाम पर सपा सरकार ने उन्हें भूखे-प्यासे रखा। कादिर ने कहा कि अफवाह फैलाई जा रही है कि दलित बसपा को वोट नहीं दे रहा। उन्होंने सभी से हाथ उठवाकर समर्थन मांगा।

कादिर ने निकाला जुलूस
रैली के बाद बिजनौर प्रत्याशी मलूक नागर तो अपने समर्थकों के साथ निकल गए, कादिर राना ने खुली जीप में सवार होकर मेरठ रोड पर जुलूस निकाला। हालांकि भीड़ के आगे पुलिस जुलूस नहीं रोक पाई। बाद में दूसरे दलों के लोग पुलिस को फोन कर बगैर अनुमति के जुलूस निकालने की शिकायत करते रहे। शाम को यह हवा उड़ी कि कादिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है, लेकिन पुलिस ने ऐसी कार्रवाई से इंकार किया।
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