दंगे के दौरान मुजफ्फरनगर नहीं आने के सवालों से घिरी बसपा सुप्रीमो ने बेहद चतुराई से सफाई दी। पूर्व सीएम ने कहा कि अगर मैं यहां आती तो सपा दंगे और भड़का कर इसका ठीकरा बसपा पर फोड़ देती। दोनों समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए मैं नहीं आई।
बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस, भाजपा और सपा पर निशाने साधे। आरक्षण, भ्रष्टाचार, काला धन और कानून व्यवस्था के बाद मायावती ने दंगे का जिक्र छेड़ा। सपा को कठघरे में खड़ा करने के साथ शामली और मुजफ्फरनगर में पीड़ितों के बीच नहीं आने पर सफाई दी।
मायावती ने कहा कि खास सूत्रों से उन्हें पता चला था कि जिस दिन वह दंगा प्रभावित क्षेत्र में जाएंगी, उसी दिन सपा दंगे और भड़का देगी। इसके बाद सारा दोष बसपा पर मढ़ दिया जाएगा। पहले से ही हिंसा झेल रहे लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ता। बसपा ने संयम से काम लिया। वह राष्ट्रपति से मिली थीं। दलित वोटरों को मतदान के दिन सावधान रहने के लिए भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि दोनों समुदाय भाईचारे से काम लें। जातिवादी मानसिकता ठीक नहीं है।