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दो वर्ष पूर्व पूरा होना था, अब तक केवल 50 फीसदी ही हो सका हैं सीएचसी भवन का कार्य

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मधुबन के नेमडाढ़ में निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।संवाद - फोटो : MAU
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तहसील क्षेत्र के नेमडाड में अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शिलान्यास के तीन साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। जबकि अनुबंध के अनुसार अस्पताल का निर्माण 2019 में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन वर्तमान में निर्माण सिर्फ 50 फीसदी ही हुआ है। कार्यदायी संस्था की तरफ से की जाने वाली लापरवाही से स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी के साथ सीएमओ को कई बार अवगत कराते ह़ुए निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने की मांग किए है।
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फतेहपुर मंडाव ब्लाक के नेमडाड, मर्यादपुर, कमलसागर, अजोरपुर, मारूखपुर, डुबरी, रामपुर बेलौली सहित करीब 40 से ज्यादा गांव की आबादी के लिए अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेमडाड की स्वीकृति शासन से की गई थी। इसके लिए चार करोड़ 94 लाख रुपये की स्वीकृति की गई थी। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएफ ने अगस्त 2017 से चिहिन्त जमीन पर निर्माण शुरू की। इस दौरान पहली किस्त के रुप में कार्यदायी संस्था को दो करोड़ 31 लाख रुपये प्रदान कर निर्माण कार्य वर्ष 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। लेकिन दो वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद केवल 50 फीसदी भवन निर्माण का कार्य पूरा हो सका है। तय समय में निर्माण कार्य पूरा न होने के पीछे सामानों के दामों में इजाफा होना बताया जा रहा है। सूत्रों की माने तो कार्यदायी संस्था द्वारा इस दरम्यान बढ़े बिल्डिंग मैटेरियल सहित दूसरों सामानों के दामों को लेकर रिवाइज बजट प्रस्ताव भेजा है। लेकिन अब तक इस पर कोई अमल नहीं हुआ है, इसके चलते दूसरी किस्त की राशि न आने से यह कार्य अब भी अधूरा पड़ा हुआ है। इस समस्या को लेकर जनप्रतिनिधि को भी जागरूक होने की जरुरत
मधुबन। तहसील के 40 से ज्यादा गांवों के लोगों को बेहतर उपचार मिले, इसके लिए नेमडाड में अतिरिक्त सीएचसी के संचालन की योजना है। जिससे वर्तमान सीएचसी फतेहपुर मंडाव पर दूर दराज से आने वाले मरीज इस सीएचसी में जाकर इलाज करा सकें। लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी केवल 50 फीसदी से कम काम पूरा होने के चलते अगले साल से डेढ़ साल तक अस्पताल के शुरू न होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। चौकाने वाली बात है जनहित की इस समस्या को लेकर अभी तक क्षेत्र का कोई जनप्रतिनिधि सक्रिय नहीं दिख रहा है।
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