सहालग का सीजन शुरू होते ही नगर सहित जिले के प्रमुख बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। सर्राफा, साड़ी कारोबार, फर्नीचर, प्लाजा सहित विभिन्न सेक्टरों के कारोबारी जो पहले अपने प्रतिष्ठानों में ग्राहकों का इंतजार करते थे। अब उन्हें काम से फुरसत नहीं मिल पा रही है। उनके चेहरे पर चमक देखी जा रही है।
नवंबर माह में सहालग शुरू होते ही नगर के सहादतपुरा, मुुंशीपुरा, चौक, सदर बाजार, गोला बाजार, सहित मुहम्मदाबादगोहना, घोसी, मधुबन, दोहरीघाट, रतनपुरा, चिरैयाकोट सहित विभिन्न बाजारों में चहल पहल बढ़ गई है। जिन परिवारों में शादी हैं, वह खरीदारी में जुटे हैं। कारोबार में तेजी से कारोबारियों के चेहरे पर अजीब तरह की चमक दिखने लगी हैं। बाजारों में कपड़ों, साड़ी, ज्वलेरी, इलेक्ट्रानिक, वाहन, फर्नीचर, मिठाई आदि की दुुकानों पर कारोबारियों को आर्डर मिलने लगे हैं। इससे व्यापारियों को दो वर्ष तक हुए नुकसान की भरपाई होनी शुरू हो गई है। कारोबारियों की मानें तो सहालग शुरू होने के बाद अभी लोग खुल कर पैसा खर्च नहीं कर रहे हैं इसके चलते अपेक्षाकृत बिक्री तो नहीं हो रही है। लेकिन गत वर्ष के सापेक्ष कारोबार में तेजी आई है।
इस संबंध में बर्तन कारोबारी सर्वदानंद बर्नवाल का कहना है कि सहालग के सीजन में बिक्री बढ़ी है। गत वर्ष की अपेक्षा कारोबार में सुधार होने लगा है। साड़ी कारोबारी गिरधर अग्रवाल का कहना था कि शादी का मौसम चल रहा है। कारोबार में सुधार हो रहा है। फर्नीचर कारोबारी गुलाम जीलानी बाबू भाई का कहना था कि कोरोना संक्रमण के चलते दो वर्ष तक काफी नुकसान उठाना पड़ा था। अब कारोबार में तेजी आ रही है। बाजार का रुख ऐसा ही बना रहा तो कारोबार पटरी पर आ जाएगा। प्लाजा संचालक राघवेंद्र राय शर्मा का कहना था कि कोरोना संक्रमण के चलते लगातार दो वर्ष तक बुकिंग नाम मात्र रही। लगन के समय अभी भी 70 प्रतिशत ही आर्डर मिल रहे हैं। सर्राफा कारोबारी विजय सर्राफ का कहना था कि लगन के मौसम में बिक्री अपेक्षा के अनुरुप नहीं हो रही है। लेकिन त्योहारी सीजन से कारोबार में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है।