नगर के विभिन्न मुहल्लों में जन सुविधाओं का अभाव है। मुहल्लों की स्थिति ने ेनगर पालिका के विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी है। स्थिति यह है कि नालियां चोक हैं, नालियों का पानी सड़कों पर बह रहा है। इतना ही नहीं मुहल्ले की सड़कें कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हैं। इससे आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या 17 मुंशीपुरा पेट्रोल पंप के पीछे की स्थिति काफी दयनीय है। जन सुविधाओं के नाम पर मुहल्ले में नगर पालिका महज कोरम ही पूरा कर रहा है। मुहल्ले में नालियां कई वर्ष से चोक हैं। नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है। स्थानीय लोगों को गंदगी और बजबजाती नालियों के बीच रहने के विवश होना पड़ रहा है। मुहल्ले में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था न होने से चहुंओर गंदगी का आलम है। नगर पालिका के सफाई कर्मचारी मुहल्ले में सफाई के नाम पर खाना पूर्ति ही करते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय निवासी रोहित भारद्वाज का कहना है कि कई बार मुहल्ले की समस्याओं को लेकर नगर पालिका से शिकायत भी की गई, लेकिन समस्याओं के निस्तारण के क्रम में नगर पालिका कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। कृष्ण मुरारी का कहना है कि वर्षों से मुहल्ले में जल निकासी की समस्या बनी हुई है। स्थिति यह है कि नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है। कई बार नालियों का पानी उल्टा घरों में घुस जाता है। कृष्णा का कहना है कि जल जमाव और गंदगी के कारण मच्छरों की संख्या तो बढ़ी है लोगों में संक्रामक और मच्छर जनित रोगों के फैलने का खतरा भी बढ़ा है। अभिषेक का कहना है कि नगर पालिका की उदासीनता के कारण मुहल्ले में लोगों में आक्रोश व्याप्त है।