मऊ। तमसा नदी में उफान आने से नगर के निचले इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। कई घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोग अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर रखने लगे हैं। नगर क्षेत्र का निषाद नगर नदी के घेरे में आ गया है। कटान तेज होने से लोगों की नींद उड़ गई है। संपर्क मार्ग डूबने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी शासन प्रशासन की तरफ से न तो नाव की व्यवस्था की जा सकी है, और न ही कटान रोकने के लिए कोई उपाय किया जा सका है।
तमसा के जलस्तर में आए उफान के चलते शहर क्षेत्र के भीटी से लेकर बंधा मार्ग के किनारे निर्मित मकान पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। ढेकुलिया घाट स्थित शवदाह स्थल, भीटी, निषाद नगर सहित निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। ढेकुलियाघाट के पास स्थित गिरीश कुमार, श्यामनारायण, जर्नादन आदि के घरों में पानी घुस जाने से लोगों का काफी नुकसान हुआ है। जलजमाव के चलते लोग मच्छरजनित बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। लेकिन अभी तक रासायनिक दवाओं का छिड़काव नहीं किया जा सका है। निषाद नगर का संपर्क मार्ग पानी में डूब गया है। इससे लोगों को जान जोखिम मेें डालकर नाव से जाना पड़ रहा है।
कटान तेज होने से लोगों की धड़कनें तेज हो गई है। इस संबंध में रामलखन निषाद, सत्येंद्र कुमार, सूर्यभान प्रसाद का कहना है कि प्रतिदिन 50 मीटर कटान हो रही है। आला अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कटान रोकने की दिशा में कोई ठोस कदम तो उठाना तो दूर कार्ययोजना तक नहीं बनाई जा सकी है। कटान समस्या का समाधान अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।