मऊ। बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए बिजली विभाग जल्द ही शहरी इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाएगा। इससे गलत रीडिंग और बिल से जुड़ी शिकायतों पर भी लगाम लग सकेगी। चार वर्ष यानि 2025 तक जिले के घर-घर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने की योजना प्रस्तावित है। पहले चरण में शहरी क्षेत्र के उन इलाकों में काम होगा, जहां लाइन लॉस सबसे ज्यादा है।
जिले में दो लाख 26 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं। बिजली विभाग की तरफ से तमाम चेकिंग अभियान के बाद भी बिजली चोरी करने वाले सक्रिय हैं। बिजली विभाग की तरफ से बिजली चोरी पर शिकंजा कसने के लिए पहले चरण में शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। चार वर्ष के अंदर यानी वर्ष 2025 तक शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे मीटरों में छेड़छाड़ कर होने वाली बिजली चोरी रोकी जा सकेगी। साथ ही घर-घर जाकर रीडिंग लेने का चक्कर भी खत्म हो जाएगा। मीटर की रीडिंग ऑनलाइन कंट्रोल रूम से ही ली जा सकेगी।
खास बात यह है कि स्मार्ट मीटर में कंट्रोल रूम से बिल जेनरेट होने के बाद मीटर पर ही बिल की धनराशि, रीडिंग और डिस्कनेक्शन की डेट भी प्रदर्शित होगी। उपभोक्ता को बिल संबंधी पूरी जानकारी मिल जाएगी और उसे अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके अलावा कंट्रोल रूम से रीडिंग का एनालिसिस करके यह भी पता लगाया जा सकेगा कि किस ट्रांसफॉर्मर से बिजली चोरी हो रही है।पहले चरण में यह योजना शहरी क्षेत्रों में लागू होगी। इसके बाद ग्रामीण इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम चलेगा। इसके साथ ही जर्जर तार बदलने, एबीसी केबल, लगाने, ट्रांसफार्मर क्षमता में वृद्धि, विद्युत उपकेंद्रों का पुर्निर्माण सहित विभिन्न कार्य कराए जाएंगे।
बकाया 338 करोड़ के सापेक्ष 10 करोड़ हुआ जमा
मऊ। बिजली विभाग अधिक से अधिक राजस्व जुटाने के लिए बिजली उपभोक्ताओं के लिए ओटीएस (एकमुश्त समाधान योजना) शुरू किया है। लेकिन व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार न होने से उपभोक्ता रुचि लेते नजर नहीं आ रहे हैं। बिजली विभाग का 2.26 लाख उपभोक्ताओं का 338 करोड़ बकाया चल रहा है। लेकिन ओटीएस स्कीम 30 नवंबर तक है। अभी तक 17 हजार उपभोक्ताओं ने मात्र 10 करोड़ ही जमा किया है। योजना की समय सीमा समाप्त होने पर बकाएदारों पर 229 करोड़ रुपया जुड़ जाएगा।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता एसके सरोज ने कहा कि बिजली चोरी रोकने के लिए शहर में घर-घर स्मार्टमीटर लगाने की कवायद शुरू होगी। वर्ष 2025 तक शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही जर्जर तार बदलने, एबीसी केबल लगाने, ट्रांसफार्मर क्षमता में वृद्धि, विद्युत उपकेंद्रों का पुर्निर्माण सहित विभिन्न कार्य कराए जाएंगे।