मऊ। लगभग पांच माह बाद जिले के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सहित सभी बोर्डों से संबद्ध विद्यालय एक बार फिर नौनिहालों से गुलजार होंगे। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर सरकार ने तीन दिन का अवकाश घोषित किया है। इस कारण पूर्व में छठवीं से आठवीं तक के स्कूल 23 अगस्त को खोले जाने वाले आदेश में बदलाव कर 24 अगस्त से कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए खोले जाएंगे। इन स्कूलों में पठन-पाठन के लिए करीब 1.70 लाख बच्चे पहुंचेंगे। इसके लिए न सिर्फ बेसिक शिक्षा विभाग सहित सीबीएसई, आईसीएसई से संबद्ध प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे रहे।
जिले में 1060 प्राथमिक, 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय, आईसीएसई के दो, सीबीएसई के 30 विद्यालयों में लगभग 1.70 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। कोरोना महामारी के चलते इन दिनों विद्यालय बंद चल रहे थे। शिक्षकों की उपस्थिति तो विद्यालय में चल रही थी, लेकिन परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मुहल्ला पाठशाला सहित अन्य विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही थी। कोरोना महामारी में मिलती राहत के बीच शासन ने सभी बोर्डो से संबद्ध बेसिक शिक्षा, यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई से संबद्ध छठवीं से आठवीं तक के स्कूलों को खोलने का निर्देश जारी कर दिया है। 23 अगस्त को अवकाश घोषित होने के चलते अब 24 अगस्त से कक्षा छठवीं से आठवीं तक के विद्यालय तथा आगामी एक सितंबर से कक्षा एक से पांच तक के विद्यालय खोले जाएंगे।
शासन के फरमान पर बेसिक शिक्षा विभाग सहित सभी बोर्डों से संबद्ध जूनियर कक्षा के स्कूलों को खोलने की तैयारी सैनिटाइजेशन सहित सभी तैयारी अंतिम दौर में चल रही है। बच्चों को विद्यालय आने के लिए अभिभावकों की अनुमति लेनी होगी। विद्यालय खुलने पर प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी होगी कि वह बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिकित्सकीय स्टाफ से समन्वय स्थापित कर सपोर्ट लें।
बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने कहा कि शासन के निर्देश के अनुसार 24 अगस्त से कोविड प्रोटाकाल का पालन करते हुए कक्षा 6 से 8 तक के विद्यालय खोले जा रहे हैं। नियमों का उल्लंघन न हो, इसके लिए विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किया गया है।
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