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सरयू नदी की बाढ़ : 24 घंटे से खतरा बिंदु पर स्थिर जलस्तर

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दोहरीघाट (मऊ)। सरयू का जलस्तर रविवार को पूरे दिन स्थिर रहा। पिछले 24 घंटों से नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 69.90 मीटर पर स्थिर है। लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है। सरयू नदी का पानी लाल निशान पर बह रहा है। इससे तटवर्ती इलाकों सहित ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा अभी भी मंडरा रहा है। नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों पर टकरा रही हैं। इससे मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, हनुमान मंदिर, डीह बाबा का मंदिर आदि ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व को संकट में डाल रखा है। वहीं घाघरा के तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नवली, बहादुरपुर, सरया, पतनई, ठाकुरगांव, बीवीपुर, ताहिरपुर, जमीरा चौराडीह, कोरौली, बेलौली, पाऊस, ठिकरहिया, महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न गांवो में भीषण बाढ़ आ जाने की आशंका से लोग दहशत में हैं। वही गावों में पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो गई है। खेतो में पानी जमा होने से किसानों की फसलें सड़ रही हैं।
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मधुबन तहसील क्षेत्र के उत्तरी दिशा में स्थित सरयू नदी का पानी लगे होने के कारण तटवर्ती क्षेत्र में अन्य क्षेत्र में दर्जनों गांव एवं विद्यालय टापू लग रहे हैं।दर्जनों गांवों का स्थलीय संपर्क टूट गया है। हजारों एकड़ क्षेत्रफल में फसलें डूब गई हैं। धर्मपुर के बिंटोलिया से दुबारी मोलनापुर मौजा में लगभग तीन किलोमीटर कटान जारी है, उधर सरयू नदी का जलस्तर परसिया जयराम गिरि के हाहा नाला का रेगुलेटर पर जलस्तर 66.20 मीटर तक आ गया है। जबकि खतरा निशान 66.31 है। देवारांचल के बिंटोलिया, नयी बस्ती, जरलहवा, हाता, टांड़ी, खैरा, नंद का पूरा, बिशुन का पुरा, भगत का पूरा, बईरकंटा, चौहानपुर चक्की मूसाडोही, लौवासाथ, अहिरुपुर आदि गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। इसके अलावा धर्मपुर से सुग्गीचौरी, बिंटोलिया से नयी बस्ती, गोबरही से बईरकंटा,भगत का पुरा, बिग्रहपुर से भवरुंपुर, तिघरा से अहिरुपुर तक के मार्ग सरयू नदी के पानी में डूब गए हैं।
इन गांवों का आपस में संपर्क कट गया है। इसके साथ ही प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय बैरियाडीह, प्राथमिक विद्यालय,खैरा, हरिजन मिश्रित विद्यालय, धूस ,दुबारी गोपालपुर से लौवासाथ तक टापू बन गए हैं। पानी से घिरे इन गांवों के लिए प्रशासन द्वारा केकवल दस नावों का इंतजाम किया गया है, जो नाकाफी है। धर्मपुर के प्रमोद यादव , बिंदटोलिया के आकाश निषाद, चक्की मूसाडोही के नंदलाल , पन्ने लाल, कुंवरपुरवा के अभिजीत शुक्ला का कहना है कि बाढ़ पीड़ितों की मांग के बावजूद और नावों का इंतजाम नहीं किया गया है। जलमग्न गांवों के लोग पानी में घुसकर आ जा रहे हैं।
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