दोहरीघाट। सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ने की ओर अग्रसर है। नदी हर घंटे डेढ़ सेटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही है। पिछले 24 घंटों में नदी के जलस्तर में 35 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। नदी लाल निशान से लगभग एक फुट से भी अधिक ऊपर बह रही है। जिस तेजी से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। उसकी गति यही रही तो अगले 14 घंटों में नदी का पानी दोहरीघाट कसबे में घुस जाएगा। नदी के बदलते तेवर से तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत हो गई है। नदी के तेजी से बढ़ने के साथ ही कसबे की ऐतिहासिक धरोहरों को एक बार फिर खतरा बढ़ गया है।
दोहरीघाट में गौरीशंकर घाट पर नदी के जलस्तर का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 69.85 था जबकि शुक्रवार को नदी के जलस्तर में अचानक 35 सेमी की वृद्धि हो गई। नदी का जलस्तर खतरा बिंदु पारकर 70.20 मीटर पर जा पहुंचा। नदी के काफी तेजी से बढ़ने के सिलसिले से लोगों में चिंता हो गई है। जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण भारत माता मंदिर और शवदाह स्थल पर नदी का दबाव बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि नदी कभी भी भयावह रुप धारण कर कहर बरपा सकती है।
लहरों के दबाव से नगर के ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, शाही मस्जिद, दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, खाकी बाबा की कुटी, रामघाट, जानकी घाट पर कटान का खतरा मंडरा बढ़ गया है। लोगों को चिंता सता रही है कि नदी जब बढ़ती है तो भारी तबाही मचा देती है। बढ़ते जलस्वतर और लहरों में आए तेज उफान से तटवर्ती इलाकों में दहशत है। भारत माता मंदिर के पीछे बैकरोलिंग होने से सुरक्षा में लगाए गए बोल्डर खिसकने लगे हैं। तटवर्ती क्षेत्रों में किसानों की खेती योग्य भूमि कटान की जद में आ रही है। क्षेत्र के नवली, चिऊटीडांड,सरहरा, रामपुर धनौली, पतनई, बहादुरपुर,बीबीपुर, गोधनी सहित आदि जगहों पर घाघरा कटान कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले की तुलना में कटान की दर भी कम हुई है,लेकिन अभी भी तटवर्ती खेतों में लगातार कटान हो रहा है। सिंचाई विभाग के अनुसार एक दो दिन में घाघरा का जलस्तर अभी और ऊपर जा सकता है।जलस्तर में लगातार वृद्धि से क्षेत्र में बाढ़ की संभावना बढ़ गई है।उधर मधुबन के देवारांचल में जहां नदी का फैलाव अधिक है। वहां नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है।
मधुबन देवारा में हर घंटे एक सेमी बढ़ रही नदी
दुबारी । मधुबन तहसील क्षेत्र के उत्तर दिशा में प्रवाहित सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार को बढ़कर परसिया जयराम गिरि हाहा नाला के रेगुलेटर पर 65.72 मीटर तक पहुंच गया। जबकि वृहस्पतिवार को जलस्तर 65.48 मीटर पर था। यहां पर 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ गया। नदी में उठ रही ऊंची लहरों से धर्मपुर बिशुनपुर के बिंटोलिया दुबारी और मोलनापुर के तीन मौजों में लगभग तीन किलोमीटर की लंबाई में नदी की कटान अभी भी थोड़ा धीमी गति से हो रही है। कटान से डरकर बिंटोलिया गांव के लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। बिंदटोलिया गाँव की बस्ती की लगभग दस एकड़ जमीन नदी में समाहित हो चुकी चुकी है।
इनसेट
लगातार घरों को खाली कर रहे कटान पीड़ित
दुबारी। झोपड़ी वाले कटान पीडितों को क्षतिपूर्ति के रूप में मात्र 4100 रुपये के हिसाब से मुआवजा मिला है। पक्की मकान वाले को क्षतिपूर्ति 95100 रुपये की दर से 73 कटान पीड़ितों को भुगतान किया गया है। शेष कटान पीडित प्राथमिक विद्यालय तथा उच्चप्राथमिक विद्यालय में शरण लिए हुए हैं। नदी का रौद्र रूप देखकर गांव के कटान पीड़ित अपने मकानों को लगातार खाली कर रहे हैं। लोग अपने सामान प्रतिदिन 30 से अधिक ट्रैक्टर ट्रालियों पर लादकर सुरक्षित स्थान ले जा रहे हैं।