मऊ। त्योहारी सीजन में रोडवेज पर यात्रियों की संख्या काफी बढ़ गई है। लेकिन मरम्मत और चालकों-परिचालकों के अभाव में मऊ डिपो की 25 बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। काफी बसें वर्कशाप में खड़ी हैं। रोडवेज पर मंगलवार को यात्री कई रूटों पर बस न मिलने से घंटों इंतजार करते दिखाई दिए। लखनऊ, बलिया और वाराणसी के लिए बसों का टोटा देखने को मिला। स्थिति यह रही की कई बसों में यात्रियों के बैठने तक की जगह नहीं मिली।
मऊ डिपो की 53 बसों में से 28 बसों का ही संचालन सुनिश्चित हो पा रहा है। परिवहन निगम इन दिनों चालकों और परिचालकों की कमी से जूझ रहा है। वहीं कई बसें मरम्मत के अभाव में वर्कशाप में खड़ी हैं। जिले के साथ-साथ कई रूटों पर बसों की संख्या काफी कम है। दीपावली, छठ पर्व को लेकर बसों की कमी के चलते यात्रियों की जबरदस्त फजीहत हो रही है। स्थिति यह है कि यात्री परिवार के साथ परिसर में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं।
एआरएम रमेश चंद्र का कहना है कि इन दिनों निगम में चालकों और परिचालकों की कमी डिपो की सभी बसें नहीं चल पा रही हैं। निगम द्वारा चालकों की भर्ती के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कोशिश की जा रही है कि यात्रियों की बसों की कमी ना हो। डिपो से चलने वाली बसों के फेरे को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि यात्रियों को बिना किसी असुविधा के उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए। त्यौहार को देखते हुए लनखऊ, गोरखपुर, प्रयागराज तथा वाराणसी के लिए बसों के फेरे को बढ़ाया जा रहा है।