मऊ। कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर की रफ्तार कम होने के बाद सोमवार से नौवीं कक्षा से 12वीं के स्कूल, कॉलेज खुल गए। विद्यार्थियों के प्रवेश के समय कॉलेज के मुख्य गेट पर ही थर्मल स्कैनिंग से जांच की गई। साबुन से हाथ धुलवाकर कोविड प्रोटोकाल के तहत कक्षाओं में भेजा गया। इस बार वर्ष 2022 के 38 दिन बीतने के बाद छात्रों ने स्कूल का मुंह देखा। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट स्तर की कक्षाओं के छात्र छात्राओं में विद्यालय जाने का उत्साह देखा गया।
जिले में 697 माध्यमिक विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में लगभग तीन लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। सरकार के फरमान जारी करने के बाद सोमवार से नौवीं कक्षा से ऊपर के स्कूल, कालेज खुल गए। विद्यालय के मेन गेट पर ही छात्र छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद साबुन से हाथ धुलवाकर मास्क अप में कक्षा में भेजा गया। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट स्तर की कक्षाओं के छात्र छात्राओं में विद्यालय जाने का उत्साह देखा गया। माध्यमिक विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा तथा विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं नजदीक हैं। ऐसे में अब तैयारियों के लिए काफी कम समय बचा है। इसको देखते हुए छात्र छात्राएं किसी भी स्थिति में कक्षाओं को छोड़ना नहीं चाहते हैं। सोमवार को सुबह से ही कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण छात्र परेेशान दिखे। स्कूल, कॉलेज खुलने के बाद पाठ्यक्रम को पूरा कराने की कवायद तेज हो गई है।
इस संबंध में डीएवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य देवभाष्कर तिवारी ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थिति और पढ़ाई दोनों ही कम होती है। इससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही थी। दिसंबर के आखिर से कक्षाएं बंद होने से भी प्रभाव पड़ा है। अब पाठ्यक्रम को पूरा कराने के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। वहीं जीजीआईसी इमिलिया की प्रधानाचार्या नीलम गुप्ता का कहना था कि जानकारी के अभाव में पहले दिन छात्राओं की 50 प्रतिशत उपस्थिति रही। बोर्ड परीक्षा नजदीक है। अतिरिक्त कक्षाएं लेकर पाठ्यक्रम को पूरा कराया जाएगा।
पहले दिन उत्साहित दिखे छात्र
मऊ। कोरोना की तीसरी लहर कम होने के बाद सोमवार को जब विद्यार्थी विद्यालय पहुंचे तो काफी खुश नजर आए। इस संबंध में छात्रा साहिबा हयात का कहना था कि स्कूल का माहौल अलग होता है। ऑनलाइन पढ़ाई में समस्या आ रही थी। अब समस्या का समाधान कक्षा में ही हो जाएगा। छात्र आदित्य विश्वकर्मा का कहना था कि क्लास में बैठकर पढ़ाई करने पर प्राब्लम हल हो जाती है। जबकि आनलाइन पढ़ाई में तमाम दिक्कत आती है। छात्र ललित मिश्र का कहना था कि लगभग 38 दिन बाद विद्यालय खुला है। विद्यालय में पढ़ाई करना अच्छा लग रहा है। कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए पढ़ाई करूंगा। छात्रा दिव्या यादव का कहना था कि नेटवर्क की समस्या के चलते आनलाइन पढ़ाई में व्यवधान आ रहा था। अब विद्यालय में क्लास करना अच्छा लग रहा है। समस्या का समाधान भी कक्षा में हो जा रहा है।