मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में गणेश उत्सव की चल रही तैयारी बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। शुक्रवार को गणेेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। सामूहिक रूप से तीन से अधिक स्थानों पर विघभन विनायक गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, लेकिन दर्शन-पूजन कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा।
कोरोना संक्रमण काल ने न सिर्फ गणेश उत्सव के रंग को फीका किया, बल्कि गणपति बप्पा की मूर्ति तैयार करने वाले मूर्तिकारों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। जिन मूर्तिकारों के पास कोरोना से पहले 25 मूर्तियों के ऑर्डर हुआ करते थे, इस बार उन्हें सिर्फ छह छोटी मूर्तियों के ऑर्डर मिले हैं। ऐसे में मूर्तिकारों को खुद का भविष्य संकट में दिखाई दे रहा है।
नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में शुक्रवार को गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाया जाएगा। नगर के बाबा बिहारी दास मंदिर, राजगद्दी मैदान, बढुआगोदाम सहित कई स्थानों पर पूजा पंडाल स्थापित किया जाएगा। कोरोना संक्रमण काल ने गणपति बप्पा की मूर्ति तैयार करने वाले मूर्तिकारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस संबंध में मूर्तिकार सोनू का कहना था कि पिछले वर्ष 25 बड़ी गणेश मूर्तियों का ऑर्डर मिला था। इस वर्ष शुक्रवार से गणेश उत्सव का पर्व शुरू हो जाएगा, लेकिन अब तक सिर्फ कोरोना के चलते केवल छह छोटी मूर्तियों दो से ढाई हजार रुपये कीमत का ही आर्डर मिल पाया है। इससे हमारा परिवार संकट से गुजर रहा है। यदि ऐसा ही रहा तो इस काम को छोड़ हमें दूसरे काम की तलाश करनी पड़ेगी।
अमिला: रिद्धि-सिद्धि के दाता, भाग्यविधाता, विघ्नविनाशक भगवान श्री गणेश जी महाराज का गणेश चतुर्थी पर्व पर जन्मोत्सव का कार्यक्रम कस्बा में धूमधाम से मनाया जाएगा। आयोजक पंकज उर्फ मोनू,बबलू,आशीष,रामु सामु,महेश,अभय का कहना था कि गणेश चतुर्थी का पर्व भव्य तरीके से मनाया जाता था। कोरोना के मद्देनजर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर बहुत ही छोटे रूप में पूजन अर्चन का कार्यक्रम मध्य चौक पर होगा।