मऊ। विधानसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मतदान कर्मियों को पोलिंग बूथ तक भेजे जाने की तैयारियां भी जोरों पर हैं। इस बार के चुनाव में मतदान कर्मियों को अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रकों से बूथ पर मतदान कराने के लिए नहीं भेजा जाएगा। मतदान कर्मियों की सुरक्षा और कोविड प्रोटोकाल को देखते हुए चुनाव आयोग बस से बूथों पर पोलिंग पार्टियों को भेजने की तैयारी में है।
कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए आयोग की तरफ से पोलिंग पार्टियों को सहूलियत प्रदान की है। आयोग के निर्देश के क्रम में परिवहन विभाग तैयारी कर रहा है। इस बार कोरोना संक्रमण के बीच हो रहे चुनाव में पोलिंग पार्टियों से लेकर पुलिस और सेना के जवानों को निजी और स्कूली बसों से ले जाया जाएगा।
एआरटीओ प्रशासन रमेशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के मतदान केंद्रों पर मतदान कर्मी, सेना तथा पुलिस के जवानों को पहुंचाने के लिए चार विधानसभाओं के लिए 499 बसों का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके अलावा चारों विधानसभा के लिए आठ अतिरिक्त बसों को भी सुरक्षित रखा जाएगा। जिससे किसी बस के खराब होने की स्थिति में अतिरिक्त बसों का प्रयोग किया जा सके। बताया कि पिछले चुनाव की भांति इस बार हमें ट्रक अधिग्रहित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही किसी जिले की मदद लेनी पड़ेगी।