मऊ। जिले के ग्राम पंचायतों में विकास कार्यो को लेकर अनियमितता की परत दर परत खुलती दिख रही है। ऐसा ही विकास कार्यों में धांधली का एक मामला रानीपुर ब्लाक में आया है। जहां तीन ग्राम पंचायतों में फर्जी तरीके से एक ही आईडी पर तीन कार्यो का 16 लाख 92 हजार रुपये का भुगतान हैंडपंप मरम्मत तथा रिबोर के नाम पर कर दिया गया। इसमें एक ग्राम पंचायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले तथा एमएलसी एके शर्मा का पैतृक ग्राम पंचायत काझा खुर्द का है। उधर मामला एके शर्मा के गांव से जुड़े होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मामले को लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई।
प्रकाश में आए मामले के तहत रानीपुर ब्लाक के काझा खुर्द ग्राम पंचायत में चार और पांच अगस्त को चार फंड ट्रांसफर आर्डर लगाकर कुल नौ लाख पांच सौ रुपए का भुगतान कराया गया। ठीक इसी प्रकार पांच अगस्त को ही बड़ार ग्राम पंचात में तीन आर्डर लगाकर तीन लाख 30 हजार रुपए का भुगतान प्राइवेट फर्म में कर दिया गया। इसी दिन दौलसेपुर ग्राम पंचायत से कुल छह ट्रांसफर आर्डर लगाकर कुल चार लाख 62 हजार रुपए का भुगतान कराया गया।
इस संबंध में डीपीआरओ घनश्याम सागर का कहना है कि जिन ग्राम पंचायतों से धन की निकासी की गई है सभी की सूची मंगाई गई है। सभी अनुमन्य कार्यों में वित्तीय अनियमितता के विपरीत कार्यों की जानकारी मांगी गई है। फर्जी भुगतान के मामले में जांच कराई जा रही है।