वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर चुनाव आयोग ने एक्शन लिया था। अब्बास अंसारी के चुनाव प्रचार पर 24 घंटे की रोक लगा दी थी। अब अब्बास के खिलाफ दर्ज मुकदमे में कई धाराएं बढ़ा दी गई हैं। मुख्तार अंसारी की परंपरागत सीट मऊ सदर से इस बार सपा गठबंधन ने अब्बास अंसारी को मैदान में उतारा था।
चुनाव प्रचार के दौरान तीन मार्च को पहाड़पुरा में आयोजित सभा में अब्बास अंसारी ने अखिलेश यादव का नाम लेकर कहा था कि भैया से बात हो गई है। सपा की सरकार बनने पर यहां के अधिकारियों का छह महीने तक ट्रांसफर नहीं होगा। पहले सभी का हिसाब-किताब होगा।
मऊ सदर से जीत के बाद अब्बास अंसारी।
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मऊ सदर विधानसभा सीट को छठवीं बार अपने परिवार के कब्जे में बनाए रखने में मुख्तार अंसारी के बेटे तथा सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी सफल रहे। अब्बास अंसारी इसके पूर्व घोसी विधानसभासीट से पिछला चुनाव लड़ चुके थे। इसके अलावा भी अपने विधायक पिता के चुनाव का प्रबंधन करते रहे हैं।
इस बार पिता की राजनीतिक जमीन पर उन्होंने सपा-सुभासपा गठबंधन से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस प्रकार पांच बार से यानी 25 सालों से मऊ सदर विधानसभा पर मुख्तार अंसारी का कब्जा उनके बेटे ने बरकरार रखा।