वीरेंद्र के पिता अवध ने बताया कि अफगानिस्तान में जो लोग वहां फंसे है, उनके परिजन उनकी सलामती के लिए काफी चितिंत हैं। वीरेंद्र वापसी के लिए हर ग्रामीण भगवान से प्रार्थना कर रहा है।
होली पर गांव आए थे वीरेंद्र
जयरामगढ़ गांव में कई लोग विदेशों में काम करते है। गांव निवासी रामकेवल ने बताया कि वीरेंद्र रिश्ते में उसके चाचा हैं। पांच वर्षो से वह अफगानिस्तान में स्टील फैक्ट्री में काम करते हैं। मार्च माह में होली पर वह एक माह की छुट्टी पर आए थे। वीरेंद्र के पड़ोसी मनोज कुमार ने बताया कि वीरेंद्र काफी मिलनसार स्वभाव के है, उनके सकुशल वापसी के लिए वह खुद चितिंत है। गांव की चंपा देवी तथा देवंती देवी ने बताया कि गांव के हर घर में वीरेंद्र की सकुशल वापसी को लेकर प्रार्थना हो रही है। महिलाएं पत्नी ज्ञांती देवी को ढांढस बंधा रही हैं तो पुरुष वीरेंद्र के पिता अवध का मनोबल बढ़ाते हुए हिम्मत बंधा रहे हैं।