मऊ जिले के सदर विधानसभा सीट पर 1952 के पहले चुनाव में यहां से कांग्रेस के प्रत्याशी पद्मनाथ सिंह ने जीत हासिल की थी इसके बाद इस सीट पर कम्युनिस्ट पार्टी से चार बार अलग-अलग लोग विधायक निर्वाचित हुए, जबकि कांग्रेस ने भी चार बार अपना परचम लहराया।
वहीं 1967 में जनसंघ के लल्लू बाबू विधायक निर्वाचित हुए और 1977 में जनता पार्टी से प्रो. रामजी सिंह चुने गए। 1980 में भाजपा के अस्तित्व में आने के बाद आज तक सदर विधानसभा सीट पर एक बार भी कमल नहीं खिला है। हालांकि भाजपा कई चुनाव में दूसरे नंबर की पार्टी रही है।