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यूपी चुनाव: जानिए वो किस्सा जब मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना से चुने गए थे दो विधायक

Sun, 16 Jan 2022 11:03 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मऊ

सार

1957 के विधानसभा चुनाव में मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना सीट से दो विधायक चुने गए। सामान्य वर्ग की सीट पर सीपीआई के चंद्रजीत यादव ने अपनी जीत का परचम फहराया और तो दूसरी सुरक्षित सीट पर कांग्रेस के श्रीनाथ विधायक चुने गए। 
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 देश की आजादी के बाद 1952 में विधानसभा और लोकसभा का पहला आम चुनाव हुआ था। इसके बाद लगातार पांच वर्षों पर विधानसभा चुनाव होता रहा। साल 1952 के चुनाव के बाद 1957 के चुनाव में मुहम्मदाबादगोहना विधानसभा क्षेत्र से दो विधायक चुने गए। उस समय आजमगढ़ की सदर तहसील की बड़ी आबादी मुहम्मदबाद गोहना विधानसभा क्षेत्र में समाहित थी।

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बड़े क्षेत्रफल को देखते हुए 1957 के चुनाव में यहां से एक सामान्य और एक सुरक्षित वर्ग के विधायक का चुनाव किया गया था। बाद में नए परिसीमन में 1962 के चुनाव में सुरक्षित सीट को समाप्त किया गया। लेकिन इसके बाद 1967 में पूरी विधानसभा क्षेत्र को सुरक्षित घोषित कर दिया गया। तबसे लेकर अभी तक यह सुरक्षित श्रेणी में शुमार है।

1957 के चुनाव में यहां से दो विधायको का चुनाव हुए। सामान्य वर्ग की सीट पर सीपीआई के चंद्रजीत यादव ने अपनी जीत का परचम फहराया और तो दूसरी सुरक्षित सीट पर कांग्रेस के श्रीनाथ विधायक चुने गए। उस चुनाव में कुल 1,59,308 मतदाताओं ने वोट डाले।
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सीपीआई के चंद्रजीत यादव ने 21,774 मत प्राप्त किया। जबकि दूसरे स्थान पर कांग्रेस के पद्मनाथ को 19,554 मत मिला। इसी प्रकार दूसरी सुरक्षित सीट पर कांग्रेस के श्रीनाथ और सीपीआई के सूरजन राम के बीच मुकाबला हुआ। श्रीनाथ को 18,709 मत मिला तो सुरजन राम को 18,487 वोट मिला था।
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इस प्रकार मात्र 222 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर श्रीनाथ पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद 1962 के विधान सभा चुनाव में सुरक्षित सीट समाप्त कर दी गई और इस चुनाव में एक मात्र सीट पर एक बार फिर से सीपीआई के चंद्रजीत यादव कांग्रेस के उमराव सिंह को शिकस्त देकर दूसरी बार विधायक चुने गए। इसके बाद 1967 के असेंबली चुनाव में मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा को सुरक्षित घोषित कर दिया गया और तब से लेकर अभी तक यह सुरक्षित श्रेणी में शामिल है।
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