इस प्रकार मात्र 222 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर श्रीनाथ पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद 1962 के विधान सभा चुनाव में सुरक्षित सीट समाप्त कर दी गई और इस चुनाव में एक मात्र सीट पर एक बार फिर से सीपीआई के चंद्रजीत यादव कांग्रेस के उमराव सिंह को शिकस्त देकर दूसरी बार विधायक चुने गए। इसके बाद 1967 के असेंबली चुनाव में मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा को सुरक्षित घोषित कर दिया गया और तब से लेकर अभी तक यह सुरक्षित श्रेणी में शामिल है।