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प्रति माह 22 रुपया बढ़ने से गड़बड़ाया रसोई बजट

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प्रति माह 22 रुपया बढ़ने से गड़बड़ाया रसोई बजट
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रसोई गैस के दाम को स्थिर करने पर दिया जोर
सरकार बढ़ाए रसोई गैस सब्सिडी
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। सरकारी तेल कंपनियों की ओर से घरेलू रसोई का दाम लगातार बढ़ाने से गृहिणियों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। रसोई गैस के दाम में पिछले एक साल में 266 रुपये की वृद्धि हो गई है। यानि हर महीने 22 रुपया की बढ़ोत्तरी रसोई गैस की कीमतों में हो रही है।
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रसोई गैस के दाम में प्रतिमाह बढ़ोत्तरी होने से किचन बजट गड़बड़ाने लगा है। ऐसे में दिनोंदिन बढ़ती महंगाई ने लोगों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। बढ़ती महंगाई से मध्यमवर्गीय परिवारों का जीना मुहाल हो गया है। एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत ने हर तबके के लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। दूसरी तरफ गृहिणियों को किचन संभालना मुश्किल हो रहा है। इस संबंध में गृहिणी सुधा सिंह का कहना है कि लगातार रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी से अब परेशानी होने लगी है। सरकार को इसके दाम को स्थिर करने की जरूरत है। अगर ऐसे ही दाम बढ़ते रहे तो, वो दिन दूर नहीं जब रसोई गैस किचेन की शोभा बनकर रह जाएगी। अब सिर्फ मेहमान आने पर ही इसका उपयोग किया जाएगा। गृहिणी अर्चना का कहना था कि अब हर माह रसोई गैस की कीमत में बढ़ोत्तरी होने से रसोई बजट बढ़ता ही जा रहा है। सरकार को मध्यम वर्गीय लोगों का भी ध्यान रखने की जरूरत है। गृहिणी रेखा का कहना था कि रसोई गैस का दाम बढ़ता जा रहा है। सब्सिडी घटती जा रही है। सरकार को सब्सिडी बढ़ाने की जरूरत है। यही स्थिति रही तो आने वाले दिन में गृहिणी को धुंआ के बीच खाना बनाने की नौबत आ सकती है। गृहिणी सुषमा का कहना है कि केंद्र सरकार ने हर महीने रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी कर सभी के माथे पर बल ला दिया है। लगातार गैस के दाम में बढ़ोतरी से किचन बजट गड़बड़ाता ही जा रहा है। सरकार की तरफ से कंपनियों पर शिकंजा कसने की जरूरत है। साथ ही सब्सिडी पूर्ववत बहाल किया जाए।
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